TISS का छात्र गिरफ्तार, साईबाबा कार्यक्रम पर बवाल; क्या हैं आरोप?
टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) के 32 वर्षीय छात्र अभिरूप आशिम पॉल को गिरफ्तार करके न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। उनकी गिरफ्तारी कैंपस में बिना इजाजत के एक कार्यक्रम आयोजित करने को लेकर हुई है। यह कार्यक्रम मानवाधिकार कार्यकर्ता और दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर जीएन साईबाबा से जुड़ा था, जिन पर प्रतिबंधित माओवादी संगठनों से संबंध रखने का आरोप है।
सरकारी वकील का दावा- पॉल का माओवाद से नाता
सरकारी वकीलों का आरोप है कि अभिरूप पॉल का माओवादी विचारधारा से गहरा संबंध है। उनका कहना है कि पॉल ने एक विवादास्पद किताब साझा की थी। इसके अलावा, उन पर फील्ड वर्क और कॉलेज रिसर्च के नाम पर कुछ संवेदनशील इलाकों का दौरा करने का आरोप भी है।
उन्होंने वॉट्सऐप पर 'टारगेट इकोनॉमिक सेंटर्स ऑफ कंट्रोल' जैसे संदेश भी भेजे थे। सरकारी वकीलों का यह भी दावा है कि पॉल ने स्थानीय लोगों को विकास परियोजनाओं के खिलाफ भड़काया।
वकील का बचाव- किताब पढ़ना जुर्म नहीं
अभिरूप पॉल के वकील ने इन आरोपों का खंडन किया। वकील का कहना है कि पॉल जो कुछ भी कर रहे थे, वह उनके आपदा प्रबंधन की पढ़ाई का हिस्सा था। वकील ने साफ तौर पर कहा कि किताब पढ़ना कोई जुर्म नहीं है।
यह पहली बार नहीं है जब TISS के छात्रों को ऐसी परेशानी का सामना करना पड़ा है। पिछले साल भी क्राइम ब्रांच ने नौ से ज्यादा टिस्स छात्रों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। उन छात्रों पर भी कैंपस में इकट्ठा होकर साईबाबा की पुण्यतिथि मनाने का आरोप था।