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पहलगाम हमला: हजारों लोगों से पूछताछ, सैंकड़ों पन्नों का आरोप पत्र; NIA जांच की पूरी कहानी
पहलगाम हमले की जांच NIA कर रही है

पहलगाम हमला: हजारों लोगों से पूछताछ, सैंकड़ों पन्नों का आरोप पत्र; NIA जांच की पूरी कहानी

लेखन आबिद खान
Apr 22, 2026
11:55 am

क्या है खबर?

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को आज (22 अप्रैल) एक साल हो गया है। इस हमले में 26 निर्दोष पर्यटकों की जान गई थी। इस हमले की जांच का दायरा स्थानीय स्तर से शुरू होकर सीमा पार तक पहुंच गया है। भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी NIA मामले की जांच में जुटी है, जिसने हमले में लश्कर और उसके सहयोगी संगठनों की भूमिका को लेकर सबूत दिए हैं। आइए अब तक की जांच की कहानी समझते हैं।

शुरुआत

कैसे हुई जांच की शुरुआत?

गृह मंत्रालय के आदेश पर 27 अप्रैल को NIA ने आधिकारिक तौर पर जांच अपने हाथ में ली थी। हालांकि, इससे पहले ही NIA की टीम घटनास्थल पर पहुंच गई थी और सबूत जुटाने में लगी थी। NIA ने बैसरन घाटी में घटनास्थल की फॉरेंसिक जांच और डिजिटल मैपिंग कराई। खून से सने कपड़ों और धब्बों की DNA जांच कराई गई। मौके पर पड़े खाली कारतूसों को जब्त किया गया और मोबाइल डेटा की जांच की गई।

पूछताछ

3,000 से ज्यादा लोगों से हुई पूछताछ

NIA ने इस हमले में मारे गए लोगों के परिजनों, खच्चर वाले, फोटोग्राफर, दुकानदार, होटल वाले और स्थानीय लोगों समेत 3,000 से ज्यादा लोगों से 1,000 घंटे से ज्यादा पूछताछ की। पहलगाम में लगे कैमरों के फुटेज को खंगाला गया, बैसरन घाटी से निकलने वाले करीब 58 रास्तों के एंट्री और एक्जिट प्वाइंट को चेक किया गया। NIA ने शुरुआती एक महीने में ओवरग्राउंड वर्कर्स समेत 100 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया।

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स्कैच

करीब एक महीने बाद जारी किए गए आतंकियों के स्कैच

24 अप्रैल को अनंतनाग पुलिस ने 3 आतंकियों के स्कैच जारी किए। इनके नाम आदिल हुसैन ठोकर, हाशिम मूसा उर्फ सुलेमान और अली उर्फ तल्हा भाई थे। इनके बारे में सूचना देने वालों को 20-20 लाख रुपये इनाम देने की घोषणा की गई। इसी दौरान एक फोटो भी सामने आया, जिसमें 4 आतंकी जंगल में राइफल लिए खड़े हैं। इसमें इन तीनों आतंकियों के अलावा जुनैद अहमद भट्ट भी था।

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गिरफ्तारी

2 स्थानीय लोगों की गिरफ्तारी ने खोले कई राज

22 जून, 2025 को NIA को बड़ी कामयाबी मिली। तब एजेंसी ने बशीर अहमद और उसके भाई परवेज अहमद को गिरफ्तार किया। दोनों ने बताया कि पहलगाम हमले के तीनों आतंकी 21 अप्रैल 2025 की रात करीब 8 बजे बैसरन से 2 किलोमीटर दूर परवेज की ढोंक में आए थे। इन्होंने ये भी बताया कि आतंकियों के पास राइफल थी और 2 आतंकियों ने काले कपड़े पहने थे। दोनों से NIA को आतंकियों के बारे में कई अहम जानकारियां मिलीं।

आतंकी मारे गए

29 जुलाई को मारे गए 3 आतंकी

एक तरफ NIA जांच में जुटी थी, तो दूसरी तरफ भारतीय सेना ने आतंकियों को घेरने के लिए 'ऑपरेशन महादेव' शुरू किया। लगातार दक्षिणी कश्मीर के दुर्गम जंगलों में तलाशी अभियान चलाया गया। शुरुआत में यह अभियान 300 वर्ग किलोमीटर से ज्यादा इलाके में फैला हुआ था, लेकिन लगातार निगरानी और सेना की सटीक तैनाती की वजह से दायरा छोटा होता गया। आखिरकार 29 जुलाई को सेना ने सुलेमान उर्फ फैजल जट्ट, अफगान और जिब्रान को मार गिराया।

स्थिति

NIA ने आरोप पत्र में क्या-क्या कहा?

NIA ने दिसंबर, 2025 में 1,597 पन्नों का आरोप पत्र दायर किया। इसमें मारे गए 3 आतंकियों समेत 7 आतंकियों को आरोपी बनाया गया। इनमें सैफुल्लाह साजिद जट्ट का भी नाम शामिल है, जो लश्कर में हाफिज सईद के बाद तीसरे नंबर का नेता है। NIA ने कहा कि ये घटना पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) की व्यापक और समन्वित आतंकी रणनीति का हिस्सा थी। NIA फिलहाल व्यापक आतंकी नेटवर्क को लेकर जांच कर रही है।

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