शिल्पा शिंदे यौन उत्पीड़न का झूठा आरोप लगाकर बुरी फंसीं, AICWA ने मुख्यमंत्री तक पहुंचाया मामला
क्या है खबर?
शिल्पा शिंदे अपने एक हालिया खुलासे के बाद विवादों में घिर गई हैं। उन्होंने एक पॉडकास्ट में स्वीकार किया कि साल 2017 में निर्माता संजय कोहली पर लगाया गया यौन उत्पीड़न का मामला बकाया पैसों के विवाद के चलते दर्ज कराया गया था। उनके इस बयान के बाद ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने कड़ी आपत्ति जताते हुए अब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
चिंता
ये पूरी इंडस्ट्री के लिए चिंता का विषय- AICWA
AICWA ने इंस्टाग्राम पर बयान जारी कर साफ तौर पर कहा कि यौन उत्पीड़न के आरोपों को झूठा कबूलना पूरे बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री के लिए बड़ा चिंता का विषय है और इस तरह के गंभीर आरोपों का गलत इस्तेमाल पूरी इंडस्ट्री की साख को नुकसान पहुंचाता है। बयान में कहा गया, 'यौन उत्पीड़न का एक झूठा आरोप किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा, परिवार, बच्चों, करियर और मानसिक स्वास्थ्य (मानसिक शांति) को कभी न ठीक होने वाला नुकसान पहुंचा सकता है।'
नाराजगी
आरोपी ही नहीं, पूरा परिवार होता है बर्बाद
संगठन ने आगे लिखा, 'इस तरह के आरोप किसी व्यक्ति की छवि को हमेशा के लिए धूमिल कर सकते हैं और इसके विनाशकारी परिणाम न केवल आरोपी, बल्कि उसके करीबियों को भी भुगतने पड़ते हैं।' इस हरकत की कड़ी निंदा करते हुए AICWA ने लिखा, 'अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर झूठे आरोप लगाता है तो इससे न सिर्फ आरोपी को नुकसान पहुंचता है, बल्कि उन असली पीड़ितों की विश्वसनीयता भी कम होती है जो न्याय की उम्मीद में आगे आते हैं।'
पीड़ित
शिल्पा के बहाने असली पीड़ितों पर न उठाएं सवाल
AICWA ने कहा कि शिल्पा के कबूलनामे को आधार बनाकर यौन उत्पीड़न की असली पीड़ित महिलाओं के अनुभवों पर सवाल नहीं उठाए जाने चाहिए। एसोसिएशन के अनुसार, इंडस्ट्री की हजारों महिलाओं ने सचमुच उत्पीड़न सहा है और वे सम्मान, समर्थन व न्याय की हकदार हैं। किसी एक व्यक्ति के झूठे आरोप का इस्तेमाल उन महिलाओं की शिकायतों को कमजोर करने या उनकी सच्चाई पर संदेह करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए, जो न्याय की उम्मीद में सामने आती हैं।
अपील
सीधे मुख्यमंत्री से लगाई गुहार
AICWA ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि अगर साबित होता है कि आरोप जानबूझकर झूठे लगाए गए थे तो कानून के तहत सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। निर्दोषों को बचाने और असली पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए जवाबदेही तय करना जरूरी है, क्योंकि झूठे आरोप और असली उत्पीड़न दोनों गंभीर मामले हैं और कानून को दोनों के साथ सही तरीके से निपटना चाहिए।
विवाद
भारती-हर्ष के पॉडकास्ट में शिल्पा ने खुद बताई विवाद की सच्चाई
साल 2016 में 'भाभी जी घर पर हैं' छोड़ने के बाद शिल्पा का निर्माताओं से विवाद हो गया था। उन्होंने बकाया भुगतान और मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। फिर 2017 में शिल्पा ने निर्माता पर यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया, जो समझौते के साथ खत्म हो गया। हाल ही में भारती सिंह और हर्ष लिंबाचिया के पॉडकास्ट में शिल्पा ने दावा किया कि घिरा महसूस करने के कारण उन्होंने बकाया रकम पाने के लिए ये कदम उठाया था।