देश पर मंडराया बिजली संकट? 50 प्लांटों में 9 दिन का कोयला ही शेष
भारत के 50 थर्मल पावर प्लांटों में कोयले का भंडार कम होकर जरूरत का सिर्फ 48 प्रतिशत रह गया है। इससे इन प्लांटों के पास अब सिर्फ 9 दिन के लिए ही कोयला बचा है, जबकि आमतौर पर यह 19 दिन का होता है।
इसकी मुख्य वजह बिजली की मांग में भारी बढ़ोतरी है, जिसकी वजह कम मानसूनी बारिश मानी जा रही है। साथ ही, कोयला सप्लाई में भी मौसम की वजह से कुछ अड़चनें आ रही हैं।
सरकारी टीम रोजाना प्लांटों की निगरानी कर रही
एक सरकारी टीम अब रोजाना इन प्लांटों पर नजर रख रही है ताकि बिजली उत्पादन जारी रहे। जिन प्लांटों पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है, वे घरेलू कोयले का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, कुछ प्लांट आयातित कोयले या दूसरे स्रोतों पर भी निर्भर हैं।
अधिकारियों का कहना है कि मानसून की वजह से जो दिक्कतें आ रही थीं, उनके कम होने पर इस महीने के आखिर तक कोयले की सप्लाई सुधर जानी चाहिए। बिजली मंत्रालय ने तो कुछ प्लांटों से रखरखाव का काम भी टालने को कहा है, ताकि बिजली की सप्लाई लगातार बनी रहे।