क्या है शिगेला संक्रमण, जिससे केरलम में एक बच्ची की मौत और 126 संक्रमित?
क्या है खबर?
केरलम में निपाह वायरस के साथ-साथ शिगेला बैक्टीरिया से होने वाले संक्रमण का प्रकोप देखा जा रहा है। यह संक्रमण मुख्य रूप से स्कूली बच्चों में फैल रहा है और कई जिलों में लोग संक्रमित हो गए हैं। अब तक एक 4 साल की बच्ची की मौत की पुष्टि हुई है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और जांच को तेज कर दिया है। खासतौर पर स्कूलों और आसपास के इलाकों में सतर्कता बरती जा रही है।
परिचय
क्या है शिगेला संक्रमण?
शिगेला एक तरह के बैक्टीरिया होते हैं, जो डायरिया की बीमारी का कारण बनते हैं। इनसे होने वाले संक्रमण को शिगेलोसिस कहा जाता है। यह संक्रमण आंतों को प्रभावित करता है, जिससे दस्त, बुखार और पेट दर्द जैसे लक्षण सामने आते हैं। अमेरिका की CDC के मुताबिक, शिगेला वायरस के 4 प्रकार होते हैं- शिगेला सोन्नी, शिगेला फ्लेक्सनेरी, शिगेला बॉयडी और शिगेला डिसेंटेरिया। शिगेला डिसेंटेरिया संक्रमण जानलेवा हो सकता है।
लक्षण
संक्रमित लोगों में क्या-क्या लक्षण देखे जाते हैं?
CDC के मुताबिक, शिगेला संक्रमण से पीड़ित लोगों में आमतौर पर रोगाणु के संपर्क में आने के 1-2 दिन बाद लक्षण दिखाई देने लगते हैं। इस दौरान दस्त, बुखार और पेट दर्द सबसे सामान्य लक्षण होते हैं। आमतौर पर लक्षण 5 से 7 दिनों तक रहते हैं, लेकिन कुछ लोगों में ये लक्षण 4 या इससे ज्यादा हफ्तों तक रह सकते हैं। यह संक्रमण बच्चों खासतौर पर 5 साल से कम उम्र के बच्चों में गंभीर रूप ले सकता है।
फैलाव
कैसे फैलता है संक्रमण?
संक्रमित व्यक्ति के मल में मौजूद बैक्टीरिया के संपर्क में आने से ये संक्रमण फैलता है। यह दूषित पानी, भोजन, गंदे हाथों या संक्रमित सतहों के संपर्क में आने पर भी फैलता है। स्कूलों और भीड़भाड़ वाले स्थानों में इसके तेजी से फैलने की संभावना रहती है। संक्रमण फैलने के लिए बहुत कम बैक्टीरिया भी पर्याप्त होते हैं, इसलिए इसे बहुत संक्रामक माना जाता है। यह मनुष्य से मनुष्य में फैलता है।
बचाव
क्या हैं बचाव के तरीके?
शिगेला संक्रमण से बचने या इसे फैलने से रोकने के लिए समय-समय पर अपने हाथों को साबुन से धोएं। डायपर बदलते समय सावधानी बरतें। तैरते समय पानी निगलने से बचें। अंतरराष्ट्रीय यात्रा करते समय, सुरक्षित भोजन और पानी की आदतों का पालन करें और अपने हाथों को बार-बार धोएं। यदि आपको दस्त हो रहे हैं, तो निर्जलीकरण (शरीर में तरल पदार्थों की कमी) से बचने के लिए खूब पानी या अन्य तरल पदार्थ पिएं।
केरलम
केरलम में क्या है स्थिति?
केरलम के स्वास्थ्य मंत्री के मुरलीधरन ने बताया कि राज्य में शिगेला संक्रमण के अब तक 126 मामले सामने आए हैं। संक्रमण की पुष्टि होने के बाद 3 बच्चों को कोझिकोड मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। इनमें से 2 बच्चे ठीक हो गए, लेकिन एक बच्ची की इलाज के दौरान मौत हो गई। बीते दिन स्कूली छात्रों में शिगेला संक्रमण के 5 अतिरिक्त मामले सामने आए हैं, जिससे प्रभावित बच्चों की कुल संख्या 8 हो गई है।