
मुकेश अंबानी को जान से मारने की धमकी देने वाला युवक गिरफ्तार
क्या है खबर?
उद्योगपति मुकेश अंबानी को धमकी भरे ईमेल भेजने वाले एक शख्स को महाराष्ट्र की गामदेवी पुलिस ने तेलंगाना से गिरफ्तार किया है।
इस शख्स ने अपना नाम ईमेल में शादाब खान बताया था, लेकिन उसका असली नाम गणेश रमेश वनपारधी है।
आरोपी अब 8 नवंबर तक पुलिस हिरासत में रहेगा।
बता दें कि पिछले हफ्ते अंबानी को 5 धमकी भरे ईमेल मिले थे, जिसमें धमकी देने वाले ने पैसे की मांग करते हुए जान से मारने की धमकी दी थी।
गिरफ्तार
पुलिस ने कहा- यह कुछ किशोरों द्वारा की गई शरारत
मुंबई पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "ऐसा लगता है कि यह कुछ किशोरों द्वारा की गई शरारत है। हमारी जांच चल रही है और हम मामले की तह तक जाने की कोशिश करेंगे।"
बता दें कि 27 अक्टूबर को शादाब खान नाम से भेजे गए पहले ईमेल में लिखा था, "अगर आप (अंबानी) हमें 20 करोड़ रुपये नहीं देंगे, तो हम आपको मार देंगे, हमारे पास भारत में सबसे अच्छे निशानेबाज हैं।"
मामला
कब-कब मिली अंबानी को ईमेल के जरिए धमकी?
अंबानी को 27 अक्टूबर से 1 नवंबर तक धमकी भरे 5 ईमेल मिले थे।
27 अक्टूबर को मिले पहले ईमेल में उनसे 20 करोड़ की फिरौती मांगी गई।
अगले दिन दूसरे ईमेल में 200 और 30 अक्टूबर को तीसरे ईमेल में 400 करोड़ करोड़ रुपये की मांग की गई।
31 अक्टूबर और 1 नवंबर के बीच अंबानी को 2 और ईमेल मिले, जिनमें रकम न भेजने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई थी।
मामला
पुलिस ने मामला दर्ज कर शुरू कर दी थी जांच
बाद में एक और ईमेल में धमकी देते हुए लिखा था, "तुमने हमारी बात नहीं मानी, अब रकम 400 करोड़ रुपये हो गई है। तुम्हारी सुरक्षा कितनी भी कड़ी हो, हमारा एक स्नाइपर ही काफी है।"
इसके बाद गामदेवी पुलिस ने अज्ञात शख्स के खिलाफ IPC की धारा 387 और 506 (2) के तहत FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
जांच में सामने आया था कि ये एक ही ईमेल ID से बार-बार धमकी भेजी जा रही थी।
धमकी
मुकेश अंबानी को पहले भी मिली है जान से मारने की धमकी
पिछले साल भी मुकेश अंबानी व उनके परिवार को जान से मारने और रिलायंस अस्पताल को उड़ाने की धमकी मिली थी।
इसके बाद गृह मंत्रालय ने उनकी सुरक्षा जेड कैटेगरी से बढ़ाकर जेड प्लस कर दी थी।
पुलिस ने उन्हें धमकी देने वाले आरोपी राकेश मिश्रा को IPC की धारा 506 (2), 507 के तहत बिहार के दरभंगा से गिरफ्तार किया था।
स्थानीय लोगों का कहना था कि आरोपी मानसिक बीमारी का शिकार है।