शिक्षक दिवस पर राष्ट्रपति मुर्मू का संदेश, कहा- शिक्षक सिर्फ पाठ्यक्रम नहीं, बल्कि देश का चरित्र गढ़ते हैं
शिक्षक दिवस 2026 के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बताया कि शिक्षक किस तरह देश का व्यक्तित्व गढ़ते हैं। अपने लेख 'विचारों को गढ़ना, भविष्य का निर्माण' में उन्होंने कहा कि शिक्षक सिर्फ पढ़ाते ही नहीं हैं, बल्कि वे छात्रों को गहनता से सोचने, पर्यावरण के प्रति जागरूक रहने और हमारी संस्कृति का सम्मान करने की सीख भी देते हैं। उनका मानना है कि ये मूल्य भारत के विकास के लिए बेहद जरूरी हैं।
द्रौपदी मुर्मू ने शिक्षकों को दिया श्रेय
मुर्मू ने अपने स्वयं के शिक्षकों की भूमिका को भी सराहा। उन्होंने बताया कि उनकी अपनी सफलता भी उन सहायक शिक्षकों के कारण संभव हुई, जिन्होंने उन्हें हमेशा प्रेरित किया। उन्होंने सभी से समर्पित शिक्षकों का सम्मान करने और उन्हें आदर देने का आह्वान किया, क्योंकि वे आत्मविश्वासी और नैतिक नागरिक गढ़ने का काम करते हैं। उनका संदेश स्पष्ट है कि महान शिक्षक सिर्फ पाठ नहीं पढ़ाते, बल्कि वे भविष्य को आकार देने का काम करते हैं।