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दिल्ली हाई कोर्ट बोला- CJP के आशुतोष और सौरव जेन-जी नहीं, दोनों ने बॉन्ड शर्तें तोड़ीं
दिल्ली हाई कोर्ट ने CJP प्रवक्ताओं को फटकार लगाई है

दिल्ली हाई कोर्ट बोला- CJP के आशुतोष और सौरव जेन-जी नहीं, दोनों ने बॉन्ड शर्तें तोड़ीं

लेखन आबिद खान
Oct 21, 2026
02:04 pm

क्या है खबर?

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने अपनी न्यायिक हिरासत बढ़ाने के आदेश को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी है। इस पर आज सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट ने कहा कि जब इस मामले को अपीलीय अदालत में चुनौती दी जा सकती है और वहां खारिज करने के कारणों की जांच हो सकती है, तो याचिकाकर्ता सीधे हाईकोर्ट क्यों आए हैं। कोर्ट ने आशुतोष और सौरव को फटकार भी लगाई।

जेन जी

कोर्ट ने पूछा- आपके संगठन का उद्देश्य क्या?

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दोनों की उम्र पूछी, जिस पर उनके वकील ने कहा कि आशुतोष की उम्र 31 साल है और सौरभ 27 साल के हैं।

इसके बाद कोर्ट ने कहा, "वे जेन-जी नहीं हैं। संगठन का उद्देश्य क्या है और याचिकाकर्ताओं का उससे क्या संबंध है। आप जुलाई में छात्रों के लिए प्रदर्शन कर रहे थे। अब आप किसी और मुद्दे पर प्रदर्शन कर रहे हैं, आगे किसी और मुद्दे पर करेंगे। यह सवाल तो उठेगा ही?"

बड़ी बातें

हाई कोर्ट की बड़ी टिप्पणियां

दोनों नेताओं ने पहले शांति बनाए रखने का बॉन्ड दिया, लेकिन फिर ऐसी घटना हुई। अगर बॉन्ड तोड़ने की आशंका सच हुई, तो सख्त कार्रवाई करना गलत कैसे?

अगर जंतर-मंतर पर रोक थी तो दोनों वहां गए क्यों?

जब मजिस्ट्रेट के आदेश को चुनौती देने के लिए रिवीजन याचिका का विकल्प है, तो हाई कोर्ट में याचिका क्यों दायर की गई।

सरकार बदलने जैसी बातें भी सुनने को मिलती हैं, जबकि सत्ता में बदलाव चुनाव के जरिए होता है।

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कोर्ट

कोर्ट ने दोनों प्रवक्ताओं को लगाई फटकार

कोर्ट ने कहा, "जंतर-मंतर को डिनोटिफाय को चुनौती देने वाला मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। अभी तक उस नोटिफिकेशन पर रोक नहीं लगी है। जब आप वहां जाकर बैरिकेड तोड़ते हैं, तो इसकी पूरी संभावना है कि 10-20 और लोग भी ऐसा ही करेंगे। आपने बॉन्ड नियम भी तोड़े हैं। यानी आपमें शांति भंग करने की प्रवृत्ति है, जैसा कि आपने दूसरी बार भी किया है। क्या आप पर और सख्त नियम लागू करना सही नहीं है?"

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जेल

14 अक्टूबर से जेल में हैं दोनों प्रवक्ता

सौरव और आशुतोष को 13 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था। दोनों पर बिना अनुमति जंतर-मंतर जाने का आरोप था।

14 अक्टूबर को दोनों को मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

19 अक्टूबर को न्यायिक हिरासत खत्म होने वाले थी, लेकिन उसे 2 दिन और बढ़ा दिया गया।

आज कोर्ट की फटकार के बाद दोनों के वकील ने याचिका वापस ले ली।

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