सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत के बाद नोएडा प्राधिकरण के CEO हटाए गए, SIT करेगी जांच
क्या है खबर?
ग्रेटर नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता (27) की बेसमेंट के गड्ढे में डूबकर हुई मौत के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। सरकार ने सोमवार को नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) डॉ लोकेश एम को पद से हटा दिया है और प्रतीक्षा सूची में डाला है। सरकार ने मौत की जांच के लिए 3 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का भी गठन किया है, जो 5 दिन में रिपोर्ट देगी।
जांच
जांच टीम में कौन-कौन शामिल?
मुख्यमंत्री के निर्देश पर, मेरठ के संभागीय आयुक्त घटना की जांच करेंगे, जिसमें मेरठ जोन के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG) और लोक निर्माण विभाग (PWD) के मुख्य अभियंता भी शामिल हैं। बात दें, लोकेश उत्तर प्रदेश कैडर के 2005 बैच के IAS अधिकारी हैं। वे नोएडा CEO के साथ नोएडा मेट्रो रेल निगम के प्रबंध निदेशक भी थे। फिलहाल, वे इस पद से भी मुक्त कर दिए गए हैं। लोकेश ने जुलाई 2023 में नोएडा प्राधिकरण की कमान संभाली थी।
मामला
क्या है इंजीनियर की मौत का मामला?
युवराज गुरूग्राम स्थित एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे। वे शुक्रवार 16 जनवरी की रात घर लौट रहे थे, तभी घने कोहरे के कारण उनकी कार नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र स्थित सेक्टर-150 में निर्माणाधीन मॉल के बेसमेंट में गिर गई। बेसमेंट में पानी भरा था और उसके आसपास कोई बैरीकेडिंग और सूचना नहीं थी। इसी में डूबकर युवराज की मौत हो गई। घटनास्थल पर युवराज को बचाने के लिए पहुंची बचाव टीम ठंड के कारण पानी में नहीं उतरी थी।