अनुमति से ज्यादा निर्माण, आपातकालीन निकास नहीं और तोड़फोड़; दिल्ली इमारत हादसे में सामने आईं लापरवाहियां
क्या है खबर?
दिल्ली के सत्य निकेतन में 5 मंजिला इमारत गिरने से 6 लोगों की मौत हो गई है और दर्जनों घायल हो गए हैं। कई लोग अभी भी मलबे में दबे हैं, जिनकी तलाश में बचाव अभियान जारी है। हादसे के बाद इमारत के निर्माण से लेकर मरम्मत तक में कई लापरवाहियां सामने आई है। इसके बाद इमारत के मालिक के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। आइए जानते हैं क्या-क्या लापरवाहियां मिली हैं।
अनुमति
एक मंजिल की थी अनुमति, 5 मंजिल बनाई
समाचार एजेंसी PTI से बात करते हुए दिल्ली नगर निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह इमारत भूतल+4 की है। यानी भूतल और 4 मंजिलें हैं, जबकि केवल भूतल+ 1 इकाई के लिए ही अनुमति दी गई थी।
यही नहीं, मालिक ने अवैध तरीके से इमारत में तहखाने का भी निर्माण कर लिया था।
अधिकारी ने कहा, "मौजूदा इमारत के तहखाने में बदलाव की अनुमति नहीं दी जा सकती। यह खतरनाक है। यह फील्ड स्टाफ की विफलता है।"
रिकॉर्ड
MCD के पास सीलिंग का कोई रिकॉर्ड नहीं
MCD की आधिकारिक रिपोर्ट में कहा गया है कि ढही हुई इमारत 55 वर्ग गज के भूखंड पर बनी थी और इसमें तहखाना और भूतल से चौथी मंजिल तक का ढांचा था।
रिपोर्ट में कहा गया है, "इस इमारत की बुकिंग या सीलिंग का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है और न ही इसमें किसी काम को लेकर कोई शिकायत मिली है।"
इससे रिकॉर्ड पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि इलाके में पहले भी इस तरह की घटनाएं हुई हैं।
NOC
इमारत के पास फायर NOC भी नहीं
नियमों के मुताबिक, 9 मीटर से ज्यादा ऊंची इमारतों में 20 से ज्यादा छात्रों के रहने के लिए अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र (NOC) जरूरी है।
एक अन्य नगर निगम अधिकारी ने कहा कि इन सीमाओं को पार करने वाली इमारतों को सभा भवन माना जाता है।
अधिकारी ने कहा, "इतने सारे कमरे होने के बावजूद इसके पास कोई अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र नहीं है। असल में, पूरा इलाका इसी तरह से तेजी से विकसित हुआ है।"
मरम्मत
तहखाने में पानी भरा, फिर भी जारी था मरम्मत का काम
एक स्थानीय शख्स ने कहा, "बारिश के दौरान भी मजदूर तहखाने में काम कर रहे थे। यहां इमारतों के तहखानों में जलभराव आम बात है, और वे भी फंस सकते हैं।"
जांचकर्ता यह पता लगा रहे थे कि क्या मरम्मत के काम के लिए जरूरी अनुमतियां ली गई थीं और क्या मरम्मत कार्य से पहले या उसके दौरान उचित संरचनात्मक और सुरक्षा जांच की गई थी।
बचाए गए लोगों में 2 मजदूर भी हैं।
बयान
पड़ोसी बोले- इमारत से दरकने की आवाजें आ रही थीं
दैनिक भास्कर से बात करते हुए इमारत के नजदीक रहने वाले मोहम्मद यासीन ने कहा, "कल मैं अपने दोस्त वारिस के साथ हॉस्टल डेज में रुका था। हम लोग रातभर बात करते रहे। दोपहर में 12 बजे उठे। मेरा दोस्त वारिस बोला इमारत गिरने वाली है, उसमें दरार आ रही है। दरकने की आवाज आ रही है। देर रात से पानी नहीं आ रहा था इसलिए हम लोग मेरे फ्लैट पर आ गए। 20 मिनट इमारत गिर गई।"