अब टोल पर रुकने का झंझट खत्म, राष्ट्रीय राजमार्ग पर आएंगे बैरियर-फ्री टोल
फास्टैग ने भारत के हाईवे को काफी बेहतर बना दिया है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बताया है कि डिजिटल टोलिंग से टोल वसूली में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जिससे 7,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व जुड़ा है और कुल राजस्व 82,000 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है।
ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 में अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि मार्च 2027 तक पूरे सिस्टम को पूरी तरह बैरियर-फ्री करने से हर साल 25,000 करोड़ रुपये तक की कमाई हो सकती है।
नेशनल हाईवे पर आएंगे बैरियर-फ्री टोल
सरकार देश के सभी नेशनल हाईवे टोल प्लाजा को ऐसे बैरियर-फ्री जोन में बदलने की तैयारी कर रही है जहां वाहनों को रुकना नहीं पड़ेगा। ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन और मल्टी-लेन फ्री-फ्लो टोलिंग जैसी तकनीकें, जो मुंबई में पहले से ही इस्तेमाल हो रही हैं, इनके इस्तेमाल से परिचालन लागत 12 से घटकर सिर्फ 2 से 3 प्रतिशत तक रह गई है।
इस साल दिसंबर के आखिर तक, 70 प्रतिशत से ज्यादा टोल प्लाजा बैरियर-फ्री हो जाएंगे, जिससे हर साल वाहन चालकों के 5,250 करोड़ रुपये से ज्यादा के ईंधन की बचत होगी और पूरे भारत में सड़क यात्राएं कहीं ज्यादा एफिशिएंट बनेंगी।