पश्चिमी एशिया संकट से मंडराया महंगाई का खतरा, नीति आयोग की चेतावनी
नीति आयोग ने प्रधानमंत्री कार्यालय को आगाह किया है कि पश्चिमी एशिया में चल रहा संघर्ष भारत में खासकर ईंधन और दूसरी जरूरी चीजों की कीमतें बढ़ा सकता है।
व्यापार, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSMEs), कृषि और मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टर पर इसका खतरा मंडरा रहा है। बढ़ती लागत से कारोबारियों और आम लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
सरकार ने बताया 2 चरणों वाला प्लान
सरकार इस चुनौती से निपटने के लिए 2 चरणों वाला प्लान लेकर आई है। पहले चरण में तुरंत राहत के लिए MSMEs को 2.55 लाख करोड़ रुपये के बिना गारंटी वाले लोन (ECLGS 5.0) दिए जा रहे हैं। साथ ही, जोखिम भरे इलाकों में भारतीय जहाजों की सुरक्षा के लिए 1.5 अरब डॉलर (करीब 130 अरब रुपये) का इंश्योरेंस पूल भी तैयार किया जा रहा है।
लंबे समय के लिए सरकार बड़े बदलावों पर विचार कर रही है। इसमें स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना, आयात कम करना और पुराने बाजारों से अलग नए निर्यात सहयोगी ढूंढना शामिल है। इसका मकसद यह है कि अगर, वैश्विक झटके जारी रहते हैं तो भी हमारी अर्थव्यवस्था स्थिर बनी रहे।