नीति आयोग रिपोर्ट का चौंकाने वाला खुलासा, लाखों स्कूलों में बिजली-शौचालय नहीं
NITI आयोग की एक नई रिपोर्ट से पता चला है कि भारत के कई स्कूलों में अभी भी जरूरी सुविधाएं नहीं हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 1.19 लाख से ज्यादा स्कूलों में बिजली नहीं है। करीब 98,600 स्कूलों में लड़कियों के लिए चालू हालत में शौचालय नहीं हैं, और लगभग 61,500 स्कूलों में तो इस्तेमाल करने लायक शौचालय ही नहीं हैं।
14,500 से ज्यादा स्कूलों में पानी की कमी भी एक बड़ी समस्या है, और करीब 60,000 स्कूलों में हाथ धोने की सुविधा नहीं है, जिससे बुनियादी स्वच्छता बनाए रखना सचमुच एक चुनौती बन गया है।
शिक्षकों की कमी और शिक्षा पर कम खर्च
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 1 लाख से ज्यादा स्कूलों में सिर्फ एक ही शिक्षक बच्चों को पढ़ा रहे हैं और इनमें से ज्यादातर स्कूल ग्रामीण इलाकों में हैं। अकेले बिहार में ही शिक्षकों के 2 लाख से ज्यादा पद खाली पड़े हैं।
गणित की परीक्षाओं में केवल 2 प्रतिशत शिक्षक ही अच्छा प्रदर्शन कर पाते हैं, वहीं शिक्षकों का 14 प्रतिशत समय पढ़ाई के बजाय दूसरे गैर-शैक्षणिक कामों में लग जाता है।
भारत अपनी GDP का केवल 4.6 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा पर खर्च करता है, जो विकसित देशों के मुकाबले काफी कम है। शिक्षा पर यह कम खर्च पूरे देश के छात्रों की तरक्की की रफ्तार को धीमा कर सकता है।