नीति आयोग का बड़ा खुलासा: 91 प्रतिशत भारतीय ग्रेजुएट्स को नहीं मिल पा रही नौकरी
नीति आयोग की एक नई रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें बताया गया है कि भारत के सिर्फ 8.25 प्रतिशत ग्रेजुएट ही एक साल के भीतर अपनी पढ़ाई से जुड़ी नौकरी हासिल कर पाते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, देश में करीब 3.4 करोड़ छात्र BA, BSc और B.Com. जैसे ग्रेजुएशन कोर्स कर रहे हैं। इतनी बड़ी संख्या में ग्रेजुएट होने के बावजूद बाजार में पर्याप्त नौकरियां नहीं हैं। यही वजह है कि 91 प्रतिशत से ज्यादा युवा या तो नौकरी ढूंढ रहे हैं या फिर उन्हें ऐसे काम करने पड़ रहे हैं जो उनकी पढ़ाई से बिल्कुल अलग हैं।
नीति आयोग ने छात्र कौशल अंतराल की ओर इशारा किया
रिपोर्ट में ये बात भी सामने आई है कि ज्यादातर छात्रों के पास जरूरी प्रैक्टिकल स्किल्स और इंडस्ट्री का अनुभव नहीं होता। इसकी एक बड़ी मिसाल देखिए: नवंबर 2024 से जुलाई 2025 के बीच सरकारी नौकरियों के लिए 1.86 करोड़ से ज्यादा आवेदन आए, जबकि पद सिर्फ 55,000 थे।
रिपोर्ट साफ तौर पर कहती है कि शिक्षा व्यवस्था को केवल किताबी ज्ञान पर निर्भर रहने के बजाय छात्रों को प्रैक्टिकल ट्रेनिंग देने पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए, ताकि वे अपनी पसंद की नौकरी पा सकें।