
जम्मू-कश्मीर: आतंकी फंडिंग के मामले में 45 जगहों पर NIA की छापेमारी
क्या है खबर?
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने आज आतंकी फंडिंग के एक मामले में जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले की 45 जगहों पर छापा मारा। ये छापे डोडा, किश्तवाड़, रामबन, अनंतनाग, बडगाम, राजौरी, डोडा और शोपियां आदि जगहों पर मारे गए।
विवादित संगठन जमात-ए-इस्लामी के गुल मोहम्मद वार के एक घर पर भी छापा मारा गया है।
ये पिछले दो हफ्ते में आतंकी फंडिंग के मामले में NIA द्वारा जम्मू-कश्मीर में मारा गया दूसरा छापा है।
छापा
31 जुलाई को NIA ने मारा था 15 जगहों पर छापा
बता दें कि NIA ने 31 जुलाई को भी जम्मू कश्मीर में 15 स्थानों पर छापेमारी की थी और लश्कर-ए-मुस्तफा (LEM) के एक आतंकवादी को गिरफ्तार किया था।
इस छापेमारी में NIA ने सभी जगहों से मोबाइल फोन, पेन ड्राइव, इस्तेमाल की गई गोलियों के खोखे, पथराव के दौरान इस्तेमाल किए गए प्लास्टिक फेस मास्क और हाथ से लिखी जिहादी सामग्री सहित अन्य कई डिजिटल उपकरण भी जब्त किए थे।
जानकारी
आतंकी हमले की साजिश रच रहा था गिरफ्तार आतंकी
NIA ने गिरफ्तार किए गए आतंकी का नाम इरफान अहमद डार बताया था जो अनंतनाग जिले का रहने वाला था। प्रारंभिक जांच में पता चला था कि वो अन्य गिरफ्तार आरोपियों के साथ मिलकर आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश में शामिल था।
अन्य मामले
10 जुलाई को गिरफ्तार किए गए थे छह लोग
इससे पहले 10 जुलाई को NIA ने आतंकी फंडिंग के एक मामले में जम्मू-कश्मीर से छह लोगों को गिरफ्तार किया था। इससे एक दिन पहले ही जम्मू-कश्मीर सरकार के 11 कर्मचारियों को आतंकी संबंधों के लिए बर्खास्त किया गया था। इनमें हिजबुल मुजाहिदीन के संस्थापक सैयद सलाहुद्दीन के दो बेटे भी शामिल थे।
दिल्ली की एक कोर्ट ने हिज्ब-उल-मुजाहिदीन के चार आतंकियों के खिलाफ पाकिस्तान से फंड लेने के लिए आरोप तय करने का आदेश भी दिया था।
आतंकी घटनाएं
जम्मू-कश्मीर में पिछले कुछ समय में बढ़ी हैं आतंकी घटनाएं
जम्मू-कश्मीर में सीमा पर कुछ समय शांति रहने के बाद पिछले कुछ हफ्तों से आतंकी घटनाओं में इजाफा देखा जा रहा है।
साथ ही सुरक्षाबलों पर हो रहे हमलों में विदेशी आतंकियों की भागीदारी भी बढ़ी है।
इस साल जम्मू-कश्मीर में 86 आतंकवादी मारे गए हैं। इनमें से 36 आतंकियों को जून-जुलाई में हुए 16 एनकाउंटरों में ढेर किया गया है।
अकेले जुलाई में 10 से अधिक एनकाउंटरों में चार पाकिस्तानी आंतकियों समेत 20 से ज्यादा आतंकी मारे गए हैं।
आतंकी
लगभग 70 स्थानीय युवा हो चुके हैं आतंकी संगठनों में शामिल
आतंकी संगठनों में शामिल होने वाले स्थानीय युवाओं की संख्या भी लगभग समान बनी हुई है।
15 जुलाई तक जम्मू-कश्मीर के 69 युवा आतंकी संगठनों में भर्ती हुए थे। पिछले साल यह संख्या 85 थी। आतंकी संगठनों में जाने वाले युवाओं में से अधिकतर शोपियां, कुलगाम और पुलवामा के रहने वाले हैं।
जम्मू-कश्मीर पुलिस महानिदेशक (DGP) दिलबाग सिंह ने कहा था कि तकनीक की मदद से युवाओं को आतंकी संगठन में शामिल होने से पहले ही रोक लिया जाता है।