लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे धंसा, NHAI ने कंपनी MD पर CBI का 'शिकंजा' कसा
करीब 4,200 करोड़ रुपये की लागत से बना लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे खुलने के कुछ ही हफ्तों बाद दरारें पड़ने लगीं। इसी के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस पर टोल वसूलना बंद कर दिया और खराब निर्माण के लिए PNC इंफ्राटेक कंपनी को जिम्मेदार ठहराया है। मामले को और पेचीदा बनाने वाली बात यह है कि कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर योगेश जैन का नाम भी CBI की चार्जशीट में सामने आया है। उनके साथ 10 अन्य लोगों पर रिश्वतखोरी के एक अलग मामले में आरोप लगे हैं।
प्रोफेसर रेड्डी कर रहे उन्नाव की ड्रेनेज की जांच
मानसून की बारिश ने 63 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे की हालत और खराब कर दी है। जिन जगहों पर पहले मरम्मत की गई थी, वहां भी अब नई दरारें आ गई हैं। प्रोफेसर केएस रेड्डी की अगुवाई में एक टीम इस बात की जांच कर रही है कि आखिर गड़बड़ कहां हुई।
अब तक की जांच में पता चला है कि उन्नाव के पास का खराब ड्रेनेज ही इसकी मुख्य वजह है। इसी बीच, टोल बंद होने से एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक भी बढ़ गया है, जिससे मरम्मत का काम और मुश्किल हो रहा है। इस पूरे मामले की रिपोर्ट अगले 10 से 12 दिनों में आने की उम्मीद है।