नेहा बोरा की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई, बॉन्ड नोटिस को दी है चुनौती
क्या है खबर?
AISA अध्यक्ष नेहा बोरा की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई चल रही है। नेहा ने स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) की तरफ से जारी उस नोटिस को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें 10,000 रुपये का बॉन्ड भरने का निर्देश दिया गया है। सुनवाई के दौरान नेहा के वकील ने कहा, "विरोध प्रदर्शन में कहीं भी कोई हिंसा नहीं हुई। उनके शब्द हमेशा संयमित रहे हैं। सब कुछ शांतिपूर्ण रहा है और उन्होंने केवल सुधार की मांग की है।"
हिंसा
वकील बोले- नेहा ने किसी को हिंसा के लिए नहीं उकसाया
वकील ने कहा, "16 तारीख को नेहा ने सोशल मीडिया पर लिखा 'आज शाम 5 बजे मिलते हैं।' इसमें मंडी हाउस पर मिलने की बात कही गई है। इसमें हिंसा भड़काने, शांति भंग करने या लोगों को अपराध के लिए उकसाने जैसी कोई बात नहीं है। जब वह मंडी हाउस पहुंचती हैं, तो 10-15 मिनट के भीतर उन्हें हिरासत में ले लिया जाता है। उन्होंने कोई अपराध नहीं किया था, और न ही शांति भंग की थी।"
वकील
नेहा के वकील बोले- वे कई बड़े आंदोलनों का हिस्सा रहीं
नेहा के वकील शंकरनारायणन ने कहा, "पहले भी विरोध-प्रदर्शन हुए हैं। वह बड़े स्तर के आंदोलनों का हिस्सा रही हैं। कभी कोई आपत्ति नहीं जताई गई। दिल्ली के कई हिस्सों में BNSS की धारा 163 के तहत आदेश जारी किए गए हैं। इसमें कुछ इलाकों को शामिल किया गया है। जंतर-मंतर को छूट प्राप्त इलाकों में रखा गया है। इसलिए, आप वहां अपना जुलूस निकाल सकते हैं लेकिन मंडी हाउस आदि इस छूट वाले दायरे में नहीं आते हैं।"
नोटिस
नोटिस कानूनी तौर पर गलत- वकील
नेहा के वकील ने कहा कि उन्हें जारी किया गया नोटिस साफ तौर पर संवैधानिक और कानूनी रूप से गलत है और कानूनी जांच में टिक नहीं सकता।
उन्होंने आगे तर्क दिया कि SEM ने कोई राय दर्ज नहीं की है, जिससे यह सवाल उठता है कि नोटिस किस आधार पर जारी किया गया।
उन्होंने कहा, "जब तक जांच नहीं हो जाती, तब तक इस चरण में व्यक्तिगत मुचलके का सवाल ही नहीं उठता।"
मामला
क्या है मामला?
दरअसल, दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान 16 अक्टूबर को नेहा को मंडी हाउस से हिरासत में लिया गया था। इसके बाद SEM ने उन्हें नोटिस जारी कर 10,000 रुपये का बॉन्ड भरने, जमानतदार पेश करने और जांच के दौरान शांति बनाए रखने का निर्देश दिया था।
नेहा ने इसी नोटिस को चुनौती दी है। उन्होंने नोटिस को रद्द करने और किसी भी कठोर कार्रवाई से सुरक्षा की मांग की है।