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NEET पेपर लीक: CBI ने अब तक किन 9 लोगों को किया गिरफ्तार, क्या-क्या हैं आरोप?
NEET पेपर लीक मामले में CBI 9 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है

NEET पेपर लीक: CBI ने अब तक किन 9 लोगों को किया गिरफ्तार, क्या-क्या हैं आरोप?

लेखन आबिद खान
May 16, 2026
06:03 pm

क्या है खबर?

NEET UG 2026 के पेपर लीक की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर रही है। एजेंसी ने आज पुणे की रहने वाली एक महिला प्रोफेसर को गिरफ्तार किया है। इस पर बायोलॉजी से जुड़े प्रश्न लीक करने के आरोप हैं। इस मामले में ये 9वीं गिरफ्तारी है। CBI ने अब तक कई राज्यों में छापा मारा है और कई लोगों से पूछताछ की है। आइए अब तक हुई गिरफ्तारियों के बारे में जानते हैं।

गिरफ्तारियां

अब तक ये 9 लोग हुए गिरफ्तार

CBI ने अब तक दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिल्यानगर से 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके नाम मांगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल, विकास बिवाल, शुभम खैरनार, मनीषा वाघमारे, धनंजय लोखंडे, यश यादव, पीवी कुलकर्णी और मनीषा गुरुनाथ मांधरे हैं। मांगीलाल, दिनेश और विकास राजस्थान के रहने वाले हैं और एक ही परिवार के हैं। यश हरियाणा का रहने वाला है। वहीं, बाकी सभी आरोपी महाराष्ट्र के हैं।

राजस्थान

राजस्थान के एक ही परिवार के 3 लोग गिरफ्तार

बिवाल परिवार के तीनों लोग जमवा रामगढ़ के रहने वाले हैं। इन्होंने यश को 65 लाख रुपये देकर पेपर खरीदे थे। कथित तौर पर इन्होंने पैसों के लिए कुछ और लोगों को भी पेपर बेचा। इनमें से विकास मांगीलाल का बेटा है और एक सरकारी कॉलेज से MBBS की पढ़ाई कर रहा है। इस परिवार के 4 बच्चों ने पिछले साल भी NEET की परीक्षा पास की थी। ये सभी अब अपने-अपने कॉलेज से गायब बताए जा रहे हैं।

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धनंजय

धनंजय लोखंडे पर क्या हैं आरोप?

लोखंडे को महाराष्ट्र के अहिल्यानगर से गिरफ्तार किया गया था। CBI ने बताया कि लोखंडे ने लीक प्रश्नपत्र सह-आरोपी शुभम को दिया था, जो उसे एक अन्य आरोपी मनीषा वाघमारे से मिला था। लोखंडे ने कर्नाटक के मंगलुरु से BAMS की पढ़ाई की है और पिछले 2 साल से पुणे के वाघोली इलाके के एक निजी अस्पताल में काम कर रहा था। ये 6 दिन की CBI हिरासत में है।

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शुभम खैरनार

10 लाख रुपये में शुभम ने खरीदा था पेपर

नासिक के इंदिरानगर का रहने वाला 30 वर्षीय शुभम बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी का छात्र है। आरोप है कि उसने पुणे के एक संदिग्ध से 10 लाख रुपये में पेपर खरीदा और उसे हरियाणा के एक खरीदार को 15 लाख रुपये में बेच दिया। शुभम ने नासिक और भोपाल में SR कंसल्टेंसी नाम की एजुकेशन कंसल्टेंसी शुरू की थी। CBI ने बताया कि उसे प्रश्नपत्र कुरियर से मिला था, जिसे उसने PDF में बदला और व्हाट्सऐप पर बेचा।

यश यादव

गुरुग्राम के यश की क्या थी भूमिका?

यश गुरुग्राम का रहने वाला है। शुभम ने उसे ही पेपर की PDF भेजी, जिसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री और बॉयोलॉजी के सवाल थे। बदले में 15 लाख रुपए लिए। दोनों के बीच सोशल मीडिया पर बातचीत भी हुई है। यश उत्तरकाशी के मंजीरा देवी आयुर्वेदिक काॅलेज में द्वितीय वर्ष का छात्र है। उसने राजस्थान के सीकर में कोचिंग ली थी। इसी दौरान उसकी शुभम और दिनेश और मांगीलाल बिवाल से जान-पहचान हुई थी।

मनीषा वाघमारे

अमीर छात्रों को फंसाती थी ब्यूटी पार्लर चलाने वाली मनीषा 

वाघमारे को पुणे के सुखसागर नगर इलाके से गिरफ्तार किया गया था। वाघमारे पुणे में ब्यूटी पार्लर चलाती है। आरोप है कि वो लोखंडे के सीधे संपर्क में थीं। वाघमारे का काम उन रसूखदार और जरूरतमंद छात्रों और अभिभावकों की तलाश करना था, जो पेपर खरीदने के लिए मोटी रकम देने को तैयार थे। मनीषा करीब 3 सालों से आरोपियों के संपर्क में थी। उसके 21 बैंक खातों की जानकारी भी सामने आई है।

प्रोफेसर

NTA से जुड़े 2 प्रोफेसर गिरोह के सरगना

CBI ने पुणे से केमेस्ट्री प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी और बायोलॉजी प्रोफेसर मनीषा गुरुनाथ मंधारे को गिरफ्तार किया है। ये दोनों NTA के पैनल का हिस्सा थे, जिसके चलते इनकी NEET पेपर तक पहुंच थीं। दोनों पैसे लेकर छात्रों के लिए विशेष कक्षाएं संचालित करते थे, जिनमें लीक हुए प्रश्न और उनका सही उत्तर हाथ से लिखवाया जाता था, ताकि कोई डिजिटल सबूत न छूटे। CBI ने इन दोनों को गिरोह का मुख्य सरगना बताया है।

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