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NEET विवाद: सरकार बोली- NTA का सिस्टम मजबूत; सुप्रीम कोर्ट ने कहा- तकनीकी सुधार की जरूरत
NEET पेपर लीक को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा है

NEET विवाद: सरकार बोली- NTA का सिस्टम मजबूत; सुप्रीम कोर्ट ने कहा- तकनीकी सुधार की जरूरत

लेखन आबिद खान
Aug 19, 2026
04:18 pm

क्या है खबर?

NEET पेपर लीक से जुड़ी कई याचिकाओं पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान सरकार ने कहा कि NEET कराने वाली राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) का सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित है और इसमें सेध लगाना काफी मुश्किल है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि NTA को संस्थागत रूप देने और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने की जरूरत है, ताकि प्रश्नपत्रों के लीक होने जैसी कोई समस्या न हो।

सरकार

सरकार ने बताया कैसी होती है पेपर बनने की प्रक्रिया

सरकार ने कहा, "एक प्रश्नपत्र में 100 बहुविकल्पीय प्रश्न होते हैं। अगर 100 अंकों का एक प्रश्नपत्र चाहिए, तो कई मॉडरेटरों को 500 प्रश्नों का बैंक बनाने के लिए कहा जाता है। मॉडरेटरों का एक अन्य समूह 100-100 प्रश्न चुनकर 4 पेपर तैयार करता है। इसके बाद NTA महानिदेशक 2 प्रश्नपत्रों का चयन करते हैं। किसी को नहीं पता होता कि अंतिम प्रश्नपत्र कौनसा होगा। इसे सीलबंद बॉक्स में 2 अलग-अलग प्रिंटरों में भेजा जाता है।"

सुरक्षा

सरकार ने कहा- किसी को भी पता नहीं होता कौनसा पेपर छप रहा

प्रिंटर को भी नहीं पता होता कि वह किस परीक्षा के लिए प्रश्नपत्र छाप रहा है।

परीक्षा केंद्र को लोहे के बक्से में बंद कर पेपर भेजे जाते हैं।

प्रश्नपत्र ले जाने वाले वाहन को GPS द्वारा ट्रैक किया जाता है।

प्रश्नपत्रों के 2 सेट 2 अलग-अलग बक्सों में रखे होते हैं। ये बक्से बैंकों के सुरक्षित कक्षों में रखे जाते हैं।

पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की जाती है। परीक्षा के बाद ये पैकेट इसी प्रक्रिया से वापस आते हैं।

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कोर्ट

कोर्ट ने कहा- तकनीकी बदलाव लाने होंगे

कोर्ट ने कहा कि प्रवेश परीक्षाओं को सुचारू रूप से आयोजित करने के लिए विभिन्न तकनीकी परिवर्तनों को लागू करने की जरूरत है।

कोर्ट ने कहा, "हमारा कर्तव्य यह सुनिश्चित करना है कि एक जीवंत संस्था हो जिस पर देश गर्व कर सके। यदि संस्थागत ढांचा नहीं बनाया जाता है, तो अनुभवी लोग तबादलों में चले जाते हैं और सारा अनुभव व्यर्थ हो जाता है। कई तकनीकी बदलाव लाने होंगे।"

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सुधार

कोर्ट बोला- NTA में स्थायी सुधार हो

कोर्ट ने NTA से परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई सिफारिशों को लागू करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी।

कोर्ट ने कहा, "इसका उद्देश्य एजेंसी के दैनिक कार्यों को नियंत्रित करना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उचित प्रणालियां स्थायी रूप से लागू की जाएं। हर विवाद के बाद किए गए अस्थायी समाधान के रूप में NTA में सुधार नहीं किए जा सकते।"

याचिकाएं

सरकार को हलफनामा दायर करने के निर्देश

कोर्ट यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट, FAIMA और अन्य याचिकाओं के समूह पर सुनवाई कर रहा है। इनमें NTA को भंग करने और पेपर लीक रोकने के लिए मजबूत निगरानी सिस्टम की मांग की गई है।

कोर्ट ने केंद्र सरकार को एक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है, जिसमें राधाकृष्णन समिति और नंदन नीलेकणी समिति द्वारा की गई सिफारिशों को लागू करने के लिए की गई प्रगति और उठाए गए कदमों का जिक्र हो।

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