दिल्ली के जलभराव पर 57,000 करोड़ की योजना बना रहा NDMC
दिल्ली में अब जलभराव से निपटने के लिए एक नया हथियार आ गया है: रोबोट! NDMC ने बरसाती नालों की जांच के लिए रिमोट-कंट्रोल रोबोट का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। इन रोबोट का काम नालों में जमा गाद, किसी भी तरह की रुकावट और अंदरूनी नुकसान की जांच करना है, खासकर ताज मानसिंह होटल के पास जैसे मुश्किल इलाकों में। यह पायलट प्रोजेक्ट जल्द ही दयाल सिंह कॉलेज और DTC डिपो जैसे दिल्ली के अन्य समस्याग्रस्त इलाकों में भी शुरू होगा।
NDMC बना रहा 57,364 करोड़ का ड्रेनेज मास्टर प्लान
NDMC केवल रोबोट पर ही निर्भर नहीं है। वे GIS तकनीक का इस्तेमाल कर नालों का नक्शा भी तैयार कर रहे हैं और CCTV कैमरों व सेंसरों की मदद से जलभराव वाले इलाकों पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। यह सारी जानकारी सीधे उनके कंट्रोल सेंटर तक पहुंचती है, जिससे भारी बारिश के दौरान टीमें तुरंत कार्रवाई कर सकें।
इसके साथ ही, 57,364 करोड़ रुपये का एक बड़ा ड्रेनेज मास्टर प्लान भी बनाया जा रहा है, जिसका मकसद नालों को बेहतर बनाना, नए पंप लगाना और भूजल स्तर को बढ़ाना है। यह योजना सिर्फ इस मानसून के लिए नहीं, बल्कि दिल्ली को जलभराव से हमेशा के लिए निजात दिलाने का एक दीर्घकालिक समाधान है।