NCERT पहली बार 9वीं के छात्रों को पढ़ाएगा आपातकाल का पाठ
NCERT ने कक्षा नौ की सामाजिक विज्ञान की किताब में 1975-77 के आपातकाल पर एक नया अध्याय शामिल किया है। यह पहला मौका है जब इतने कम उम्र के छात्रों को इस गंभीर दौर के बारे में पढ़ाया जाएगा। इस अध्याय में आपातकाल को 'भारत के लोकतंत्र के सामने आई सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक' कहा गया है। इसमें बताया गया है कि उस दौरान कैसे लोगों के मौलिक अधिकार छीन लिए गए थे, प्रेस पर सेंसरशिप लगा दी गई थी और कई बड़े राजनीतिक नेताओं को जेल में डाल दिया गया था। साथ ही, यह भी बताया गया है कि उस समय इंदिरा गांधी सरकार के खिलाफ लोगों में गुस्सा क्यों बढ़ रहा था। बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई और जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में हुए प्रदर्शनों ने लोगों को सरकार के खिलाफ खड़ा कर दिया था।
पाठ्यक्रम में 'लोकतंत्र और आप' हिस्सा जोड़ा गया
यह बदलाव सिर्फ इतिहास तक ही नहीं रुका है, बल्कि किताब में आज के दौर के मुद्दे जैसे फेक न्यूज, गरीबी और भेदभाव को भी जगह मिली है। 'लोकतंत्र और आप' नाम से एक नया सेक्शन भी बनाया गया है। यह सेक्शन छात्रों को सिखाता है कि स्कूल में वे जो भी सीखते हैं, उसका सीधा संबंध उनके एक सक्रिय नागरिक होने से है। गुजरात और त्रिपुरा के उदाहरणों से समझाया गया है कि जमीनी स्तर पर लोकतंत्र कैसे काम करता है। मीडिया को 'चौथा स्तंभ' मानते हुए, उसकी भूमिका पर भी खास जोर दिया गया है। यह किताब छात्रों को भारत की इस विशाल लोकतांत्रिक विरासत का हिस्सा समझने के लिए प्रेरित करती है, जहाँ 2024 में 96.8 करोड़ से ज्यादा वोटर पंजीकृत हैं।