राष्ट्रीय हथकरघा दिवस: 35 लाख महिला बुनकरों का कमाल, अरबों की कमाई से चमका भारत
आज राष्ट्रीय हथकरघा दिवस है। यह दिन भारत की रंग-बिरंगी बुनाई की शानदार परंपरा का जश्न मनाता है, साथ ही उन 35.22 लाख बुनकरों और उनसे जुड़े कामगारों को सम्मान देता है, जो इसे मजबूती से चला रहे हैं। इनमें से ज्यादातर महिलाएं हैं।
इस साल के समारोह का खास मकसद यह बताना है कि हथकरघा शिल्प कैसे हमारी संस्कृति और अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा है, और यह सदियों पुरानी कलाओं को सहेजने का काम भी करता है।
हथकरघा से 2025-26 में 1,330 करोड़ रुपये की कमाई
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस की शुरुआत 2015 में 1905 के स्वदेशी आंदोलन को श्रद्धांजलि देने के लिए की गई थी। यह आंदोलन देश की आजादी की जंग में स्थानीय उद्योगों को आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण कदम था। यह बुनाई कला सिंधु घाटी सभ्यता जितनी पुरानी है और प्राचीन ग्रंथों में भी इसका जिक्र मिलता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कारीगरों की कला और ग्रामीण विकास में उनके योगदान की तारीफ की, साथ ही नेशनल फाइबर स्कीम जैसी योजनाओं के तहत लगातार सहयोग देने का आश्वासन दिया। 2025-26 में हथकरघा उत्पादों से UAE, अमेरिका और यूरोप जैसे देशों को निर्यात करके करीब 1,330.96 करोड़ रुपये की कमाई हुई।