AI की मदद से तैयार हुए नए वायरस, वैज्ञानिकों ने बताया क्या है इसका उद्देश्य
क्या है खबर?
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग तमाम क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है। अब इसका उपयोग नए वायरस बनाने में भी किया जा रहा है। द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी और आर्क इंस्टीट्यूट के शोधकर्ताओं ने AI की मदद से 16 नए वायरस तैयार किए हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि ये वायरस केवल बैक्टीरिया को संक्रमित करते हैं और इंसानों के लिए नुकसानदायक नहीं हैं।
उद्देश्य
क्या है उद्देश्य?
शोधकर्ताओं का कहना है कि इन वायरस को लोगों को नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं बनाया गया है।
इनका उद्देश्य नई दवाओं और फेज थेरेपी पर शोध को आगे बढ़ाना है। फेज थेरेपी में वायरस का उपयोग हानिकारक बैक्टीरिया को खत्म करने के लिए किया जाता है, खासकर उन बैक्टीरिया के खिलाफ जिन पर एंटीबायोटिक दवाएं असर नहीं करतीं।
इससे भविष्य में गंभीर संक्रमणों के इलाज में संभावनाएं खुल सकती हैं और चिकित्सा क्षेत्र को बड़ा लाभ मिल सकता है।
वायरस
AI ने कैसे तैयार किए वायरस
वैज्ञानिकों ने Evo 1 और Evo 2 नाम के AI जीनोम मॉडल का इस्तेमाल किया।
इन मॉडल को वायरस, बैक्टीरिया, पौधों और इंसानों के डीएनए पैटर्न पर प्रशिक्षित किया गया था। इसके बाद AI ने सैकड़ों संभावित वायरल जीनोम तैयार किए।
इनमें से करीब 300 डिजाइन की जांच की गई, जिनमें 16 वायरस सफलतापूर्वक बैक्टीरिया के अंदर बढ़ने और अपनी संख्या बढ़ाने में सक्षम पाए गए तथा प्रयोगशाला परीक्षणों में भी सफल साबित हुए।
सवाल
सुरक्षा को लेकर भी उठे सवाल
इस उपलब्धि के साथ कुछ वैज्ञानिकों ने सुरक्षा को लेकर चिंता भी जताई है।
उनका कहना है कि भविष्य में ऐसी तकनीक का गलत इस्तेमाल रोकना जरूरी होगा। हालांकि शोधकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि इस अध्ययन में ऐसे वायरस शामिल नहीं थे जो इंसानों, जानवरों या पौधों को संक्रमित कर सकें।
उनके अनुसार मौजूदा AI अभी इंसानों के लिए खतरनाक वायरस तैयार करने में सक्षम नहीं है और इस पर सख्त सुरक्षा नियमों के साथ काम किया गया।