प्रधानमंत्री का इंडोनेशिया दौरा, समुद्री सुरक्षा और टेक क्रांति पर खास ध्यान
प्रधानमंत्री मोदी इंडोनेशिया की यात्रा पर जा रहे हैं। उनकी इस यात्रा का मकसद दोनों देशों के रिश्तों को नई मजबूती देना है। अब तक इन संबंधों पर उतना ध्यान नहीं दिया गया था, लेकिन अब इन्हें और गहरा व असरदार बनाने की तैयारी है। भारत और इंडोनेशिया, दोनों ही इंडो-पैसिफिक इलाके के बड़े और अहम देश हैं। समुद्री सुरक्षा, टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में नए आविष्कार और आर्थिक तरक्की जैसे मामलों में दोनों के हित एक जैसे हैं। यह यात्रा इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो की हालिया भारत यात्रा के बाद हो रही है, जिससे दोनों देशों के 75 साल पुराने राजनयिक संबंधों को और बढ़ावा मिलेगा।
इंडोनेशिया भारत के ONDC पर नजर रखे हुए
इंडोनेशिया भारत की डिजिटल तरक्की से बहुत कुछ सीखना चाहता है, खासकर ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) जैसे प्लेटफॉर्म से। उम्मीद है कि भविष्य में दोनों देशों के बीच टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में कई शानदार सहयोग देखने को मिलेंगे। इसके साथ ही, भारत की मेडिकल ट्रेनिंग से इंडोनेशिया अपने स्वास्थ्य सिस्टम को और मजबूत कर सकता है। इंडोनेशिया के पास निकल के बड़े भंडार भी हैं। ऐसे में, भारत के लिए वहां की स्थानीय प्रोसेसिंग यूनिट्स में निवेश के नए अवसर खुलेंगे, जिससे दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को काफी फायदा होगा।
भारत और इंडोनेशिया मजबूत समुद्री सुरक्षा की तलाश में
मलय जलडमरूमध्य के पास समुद्री सुरक्षा भारत और इंडोनेशिया दोनों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है। दोनों देश समुद्री डकैती रोकने के लिए अपने प्रयासों को तेज करने और आपदा के समय राहत कार्यों में बेहतर तालमेल बिठाने पर काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा से दोनों देशों के बीच नौसैनिक सहयोग और गहरा होने की उम्मीद है। साथ ही, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को सुरक्षित रखने में उनकी मुख्य भागीदार के तौर पर भूमिका भी और मजबूत होगी।