
लाउडस्पीकर से नमाज नहीं है मौलिक अधिकार, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने खारिज की याचिका
क्या है खबर?
महाराष्ट्र में लाउडस्पीकर पर अजान को लेकर चल रहे विवाद के बीच उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद हाई कोर्ट में लाउडस्पीपकर पर अजान की अनुमति मांगने वाली याचिका पर सुनवाई हुई।
इसमें हाई कोर्ट ने याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि लाउडस्पीकर से अजान देना मौलिक अधिकार नहीं है।
हाई कोर्ट की इस टिप्पणी से महाराष्ट्र में मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने की मांग कर रही महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) को बल मिलने की संभावना है।
प्रकरण
बदायूं के मौलवी ने दाखिल की थी याचिका
बता दें कि लाउडस्पीकर विवाद को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने 19 अप्रैल को धार्मिक कार्यक्रमों में माइक्रोफोन के इस्तेमाल की अनुमति देने, लेकिन उनकी आवाज परिसर से बाहर नहीं आने देने के निर्देश दिए थे।
इसके बाद राज्यभर में अभियान चलाकर धार्मिक स्थलों पर लगे एक लाख से अधिक अवैध लाउडस्पीकरों को उतारा गया था।
इस पर बदायूं के मौलवी इरफान ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर लाउडस्पीकर से अजान की अनुमति मांगी थी।
दलील
मौलवी ने याचिका में दी थी यह दलील
मौलवी इरफान ने याचिका में कहा था कि सरकार के धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर की अनुमति लेने के आदेश के बाद उन्होंने बिसौली तहसील के उपखंड अधिकारी के यहां आवेदन कर नूरी मस्जिद पर लाउडस्पीकर लगाने की इजाजत मांगी थी, लेकिन उन्होंने आवेदन को खारिज कर अनुमति नहीं दी।
मौलवी ने कहा कि लाउडस्पीकर से अजान इस्लाम धर्म के लिए आवश्यक है और धार्मिक स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार के तहत इसकी अनुमति दी जानी चाहिए।
सुनवाई
हाई कोर्ट ने खारिज की याचिका
मामले में बुधवार को सुनवाई करते हुए जस्टिस विवेक कुमार बिरला और जस्टिस विकास बधवार की पीठ ने मौलवी की याचिका को खारिज कर दिया।
पीठ ने कहा, "कानून कहता है कि मस्जिदों पर लाउडस्पीकर का इस्तेमाल करना संविधान में दिया गया मौलिक अधिकार नहीं है। ऐसे में यह याचिका पूरी तरह से गलत है।"
कोर्ट ने आगे कहा, "अजान इस्लाम का अभिन्न अंग है, लेकिन लाउडस्पीकर से अजान देना इस्लाम का हिस्सा नहीं है।"
खारिज
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने पूर्व में खारिज की थी अवमानना याचिका
बता दें कि इस साल की शुरुआत में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मंदिरों के साथ-साथ मस्जिदों में लाउडस्पीकर के उपयोग के संबंध में दायर एक अवमानना याचिका को भी खारिज कर दिया था।
उस दौरान कोर्ट ने कहा था कि यह एक पूर्व नियोजित याचिका है और इसका उद्देश्य राज्य के चुनाव के बीच राज्य के सांप्रदायिक सद्भाव को प्रभावित करना है।
ऐसे में अब हाई कोर्ट का इस याचिका को खारिज करना पिछले आदेश से अलग है।
विवाद
लाउडस्पीकर को लेकर महाराष्ट्र में छिड़ा हुआ है विवाद
बता दें कि वर्तमान में लाउडस्पीकर को लेकर महाराष्ट्र में विवाद छिड़ा हुआ है। इसको लेकर महाराष्ट्र की 26 मस्जिदों के मौलवियों ने बुधवार रात को दक्षिणी मुंबई में बैठक कर सुबह की अजान बिना लाउडस्पीकर से देने का निर्णय किया है।
इसके तहत मुंबई की मशहूर सुन्नी बड़ी मस्जिद मदनपुरा और मिनारा मस्जिद में सुबह की अजाना लाउडस्पीकर के बिना ही दी गई है।
मौलवियों ने यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करने के लिए लिया है।