धमकी भरे ईमेल: VPN का 'अभेद्य जाल', मुंबई पुलिस के सामने नई चुनौती
हाल ही में मुंबई के नगर निगम दफ्तर और एयरपोर्ट पर धमकी भरे ईमेल भेजे गए थे। इन ईमेल को भेजने वालों का पता लगाने में मुंबई पुलिस को काफी मुश्किल आ रही है। दरअसल, अपराधी अपनी पहचान छिपाने के लिए वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) और प्रोटॉन मेल जैसे एनक्रिप्टेड ईमेल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसी वजह से जांचकर्ता दुनिया भर में झूठी जानकारियों के पीछे भागते रहते हैं, लेकिन उन्हें कोई खास कामयाबी नहीं मिलती।
असहयोगी VPN प्रोवाइडर से मुंबई पुलिस की मुश्किलें बढ़ीं
पुलिस बताती है कि VPN प्रोवाइडर शायद ही कभी मदद करते हैं। अंतरराष्ट्रीय कानूनी अनुरोधों को पूरा होने में भी सालों लग जाते हैं। ऐसे में ज्यादतर मामलों की जांच आगे नहीं बढ़ पाती और उन्हें छोटे-मोटे अपराध के तौर पर ही दर्ज करके बंद कर दिया जाता है, चूंकि आगे कोई रास्ता बचता नहीं है। हां, कभी-कभार ही ऐसा होता है कि किसी तकनीकी खामी की वजह से अपराधी की पहचान सामने आ जाए, जैसे 2024 में अंबानी परिवार को दी गई धमकी के मामले में हुआ था। लेकिन ऐसी सफलताएं बहुत कम मिलती हैं। इन सब से पुलिस पर काफी दबाव बढ़ गया है और उनकी मेहनत का कोई बड़ा नतीजा नहीं निकल पा रहा है।