मुंबई में हाफिज सईद का अब गैर-मौजूदगी में होगा ट्रायल
मुंबई में एक ऐतिहासिक मुकदमे की तैयारी चल रही है। मुंबई की एक अदालत अब हाफिज सईद का ट्रायल उसकी गैर-मौजूदगी में करने वाली है।
हाफिज सईद आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक है, और उस पर 26/11 के मुंबई आतंकी हमलों में शामिल होने का आरोप है। भले ही वह इस समय भारत में मौजूद न हो, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 356 अदालतों को ऐसे भगोड़ों के खिलाफ मुकदमे आगे बढ़ाने की ताकत देती है, जो बार-बार न्याय से बचते रहते हैं।
5 अन्य पाकिस्तानी नागरिक भी गिरफ्त से बाहर
हाफिज सईद अकेला नहीं है; 5 और पाकिस्तानी नागरिकों पर भी आरोप लगे हैं, लेकिन वे अभी तक पकड़ में नहीं आए हैं। BNSS के नियमों के अनुसार, अदालत को पहले गिरफ्तारी वारंट और सार्वजनिक सूचना जारी करनी होगी।
इसके बाद 90 दिनों तक इंतजार करना होगा, तभी आरोपी की गैर-मौजूदगी में मुकदमे की सुनवाई शुरू की जा सकती है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह नया कानून न्याय दिलाने और मामलों को तेजी से निपटाने के बीच एक अच्छा संतुलन बनाता है। जो आरोपी अदालत में मौजूद नहीं हैं, उन्हें सरकार की ओर से वकील दिया जाता है, ताकि उनकी गैर-मौजूदगी में भी उनके कानूनी अधिकारों का पूरा ध्यान रखा जा सके।