
अमेरिका से भारत लाया जा सकता है 26/11 हमलों का साजिशकर्ता आतंकी तहव्वुर राणा
क्या है खबर?
देश को हिला कर रख देने वाले मुंबई हमले (26/11) की साजिश रचने में शामिल रहे आतंकी तहव्वुर राणा को भारत लाया जा सकता है।
राणा अभी अमेरिका की जेल में 14 साल की सजा काट रहा है। उसकी सजा दिसंबर, 2021 में पूरी हो जाएगी।
इस बात की प्रबल संभावना है कि रिहाई के बाद उसे भारत के हवाले कर दिया जाए। प्रत्यर्पण की प्रक्रिया के लिए भारत सरकार ट्रम्प प्रशासन की मदद ले सकती है।
प्रत्यर्पण
भारत प्रत्यर्पण की प्रबल संभावनाएं
2009 में गिरफ्तार हुए राणा को 2013 में कोर्ट ने 14 साल की सजा सुनाई थी। उसकी रिहाई दिसंबर 2021 में होगी।
मामले से जुड़े एक सूत्र ने बताया, 'अमेरिका में सजा पूरी होने के बाद उसे भारत भेजे जाने की प्रबल संभावनाएं हैं। लेकिन इसके लिए जरूरी कागजी कार्रवाई और जटिल प्रक्रिया को पूरा करना एक कठिन चुनौती है।'
अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि राणा का प्रत्यर्पण दोनों देशों के संबंध मजबूत करने में सहायक होगा।
प्रक्रिया
कठिन है भारत लाने की राह
सूत्र के मुताबिक, भारत और अमेरिका दोनों की अपनी प्रत्यर्पण प्रक्रिया है और वो ना तो इसे धीमा करना चाहते हैं और ना ही तेज करना चाहते हैं।
राणा के प्रत्यर्पण में सबसे बड़ी बाधा यह है कि उसे मुंबई हमलों का हवाला देकर भारत नहीं लाया जा सकता।
इसका कारण यह है कि अमेरिका में एक ही अपराध के लिए दो बार सजा नहीं दी जा सकती। इसके लिए सरकार को दूसरी वजह देनी होगी।
26/11 हमला
पाकिस्तान के 10 आतंकियों ने किया था मुंबई पर हमला
26 नवंबर, 2008 को मुंबई पर पाकिस्तान के 10 आतंकियों ने हमला कर दिया था। सभी आतंकी पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से ताल्लुक रखते थे।
हमले में 6 अमेरिकी नागरिकों समेत 166 लोग मारे गए थे।
सुरक्षाबलों ने 9 आतंकियों को तभी मार गिराया था, जबकि एक आतंकी अजमल कसाब को पकड़ने में सफलता पाई थी। उसे बाद में फांसी दी गई।
हमलों का एक अन्य आरोपी डेविड हेडली भी अमेरिका में सजा काट रहा है।