1.77 लाख बनाम 1.75 लाख: सड़क हादसों की मौतों पर सरकारी आंकड़ों में क्यों इतना बड़ा अंतर?
भारत में 2024 के सड़क हादसों में हुई मौतों के आंकड़ों में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के अनुसार, यह संख्या 1.77 लाख है, वहीं राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) 2 अलग-अलग आंकड़े बताता है – 1.75 लाख और 1.81 लाख। यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप कौन सी रिपोर्ट देखते हैं। भले ही आंकड़ों में ज्यादा स्पष्टता लाने के लिए नया इलेक्ट्रॉनिक रिपोर्टिंग सिस्टम शुरू किया गया है, लेकिन इसके बावजूद ये संख्याएं एक-दूसरे से मेल नहीं खा रही हैं।
अलग-अलग तरीके और देरी से रिपोर्टिंग
MoRTH और NCRB दोनों ही पुलिस रिपोर्टों से आंकड़े जुटाते हैं, लेकिन वे अलग-अलग तरीकों और प्रारूपों का इस्तेमाल करते हैं। एक UN प्रोजेक्ट के टेम्पलेट पर आधारित है, जबकि दूसरा अपराध ब्यूरो के माध्यम से जानकारी इकट्ठा करता है।
कुछ राज्यों से रिपोर्ट मिलने में देरी होती है। इसके अलावा, जिन हादसों में एक महीने बाद मौत होती है, उनकी ठीक से रिपोर्टिंग नहीं हो पाती। साथ ही, eDAR जैसे डिजिटल टूल्स को अपनाने में भी धीमी गति दिख रही है। ये सभी बातें मिलकर आंकड़ों को और भी उलझा देती हैं। भारत पहले से ही सड़क हादसों में होने वाली मौतों के मामले में दुनिया में पहले स्थान पर है।