लखनऊ-दिल्ली में 40 से ज्यादा मौतें, आग ने खोली सुरक्षा में बड़ी चूक की पोल
जून का महीना भारत के लिए काफी चुनौती भरा रहा। इस दौरान देश में आग लगने की कई बड़ी घटनाएं हुईं, जिनमें 40 से ज्यादा लोगों की जान गई। इन हादसों में से ज्यादातर लखनऊ और दिल्ली में हुए। इन दिल दहला देने वाली घटनाओं ने इमारतों में आग से बचाव के नियमों को कितनी गंभीरता से लिया जाता है, इस पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। अब अधिकारी यह पता लगाने में जुट गए हैं कि आखिर सुरक्षा में कहां चूक हुई।
लखनऊ अलीगंज की आग में 15 छात्रों की मौत
22 जून को लखनऊ के अलीगंज इलाके में एक व्यस्त इमारत में आग लग गई। इस इमारत में एक कोचिंग सेंटर, एनिमेशन स्टूडियो और एक पेट स्टोर चलता था। इस भीषण आग में 15 छात्रों की मौत हो गई और कई दूसरे लोग घायल हुए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अस्पताल जाकर पीड़ितों के परिवारों से मुलाकात की। उस दौरान बचाव दल फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने के काम में लगातार जुटा हुआ था।
दिल्ली की 'फ्लोरिश स्टेज' आग में 22 लोगों की मौत
इस महीने की शुरुआत में 4 जून को दिल्ली के एक बेड एंड ब्रेकफास्ट 'फ्लोरिश स्टेज' में भीषण आग लग गई। हैरानी की बात यह है कि इस इमारत के पास आग से बचाव का कोई सही लाइसेंस तक नहीं था। शुरुआती जांच में आग लगने की वजह खाना पकाने वाली गैस सिलेंडर से लीक को बताया जा रहा है। इस दर्दनाक हादसे में 22 लोगों की जान चली गई, जिनमें 12 विदेशी नागरिक भी शामिल थे। वहीं, 25 लोग घायल हुए। पुलिस ने मामले में इमारत के मालिक और रसोइए को गिरफ्तार कर लिया है।
आग से बचाव की लापरवाही की जांच
ये दोनों बड़ी घटनाएं आग से बचाव के नियमों की घोर अनदेखी को सामने लाती हैं। दिल्ली में जिस 'फ्लोरिश स्टेज' बिल्डिंग में आग लगी, उसके पास तो फायर क्लीयरेंस था ही नहीं। वहीं, लखनऊ की इमारत में सुरक्षा मानकों की जांच पुलिस कर रही है। अधिकारी अब इस बात की तहकीकात कर रहे हैं कि आखिर इन बुनियादी सावधानियों को क्यों नजरअंदाज किया गया।