तेलंगाना में गहराया जल संकट: 74 प्रतिशत मंडलों में पानी की भारी किल्लत, बिजली उत्पादन पर भी असर
इस मानसून के मौसम में तेलंगाना सूखे की मार झेल रहा है। राज्य के करीब 74 प्रतिशत मंडल पानी की गंभीर कमी से जूझ रहे हैं। कुल 457 मंडलों में से 399 में तो बारिश 59 प्रतिशत तक घट गई है। राजधानी हैदराबाद भी इस सूखे से अछूती नहीं रही, जहां के कई इलाकों में कम बारिश दर्ज हुई है।
अल नीनो के प्रभाव ने स्थिति को और भी गंभीर बना दिया है, जिससे जलाशयों का जलस्तर घट गया है और स्थानीय खेती-बाड़ी पर इसका बुरा असर दिख रहा है।
गोदावरी और कृष्णा बेसिन में जलविद्युत उत्पादन घटा
कम बारिश के चलते गोदावरी और कृष्णा बेसिन के बड़े सिंचाई प्रोजेक्ट भी ठीक से काम नहीं कर पा रहे हैं। जलविद्युत उत्पादन में भारी गिरावट आई है। जुराला में इस जुलाई के महीने में कोई जलविद्युत उत्पादन नहीं हुआ, वहीं श्रीशैलम में सिर्फ 0.09 MU बिजली ही बन पाई। हालांकि, उम्मीद की एक किरण भी दिख रही है। अल्मट्टी और नारायणपुर बांधों से पानी आने पर जलस्तर बढ़ सकता है और महीने के आखिर तक जुराला में जलविद्युत परिचालन फिर से शुरू हो सकता है।