मानसून की दस्तक, पर बारिश गायब, अल नीनो ने बढ़ाई महाराष्ट्र-कर्नाटक की चिंता
महाराष्ट्र में इस बार मानसून की आधिकारिक शुरुआत तो हो चुकी है, लेकिन बारिश का अभी भी इंतजार है। सिर्फ महाराष्ट्र ही नहीं, पूरे देश में बारिश की कमी ने चिंता बढ़ा दी है। जून के पहले पखवाड़े में तो देशभर में सामान्य से 46 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। यही वजह है कि मुंबई के जल भंडार भी खतरे के निशान के पास पहुंच गए हैं। कर्नाटक की हालत भी कुछ अलग नहीं है। वहां भी बारिश में 35 फीसदी की कमी दिख रही है। खासकर, तटीय इलाकों में तो आधे से भी कम बारिश हुई है। यानी, मानसून की घोषणा तो हो गई, लेकिन कई जगहों पर लोग अभी भी झमाझम बारिश के लिए तरस रहे हैं।
एल नीनो और कमजोर सोमाली जेट
इस साल मानसून को कई मौसमी पैटर्न से साथ नहीं मिला, जिसका सीधा असर बारिश पर दिख रहा है। सोमाली जेट हवाएं, जो आमतौर पर नमी लेकर आती हैं, इस बार उम्मीद के मुताबिक मजबूत नहीं रहीं। मध्य भारत से आ रही सूखी हवाओं ने बारिश वाले बादल बनने ही नहीं दिए। साथ ही, वायुमंडल में ऐसी स्थितियां बन गईं कि नमी वाली हवा ऊपर नहीं उठ पाई। बंगाल की खाड़ी से आने वाली मानसूनी शाखा भी कमजोर पड़ गई। इन सब में सबसे बड़ी वजह 'एल नीनो' का असर है, जिसकी घोषणा भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने 11 जून को की थी। इसकी वजह से देश के अहम इलाकों में मानसून का पैटर्न बिगड़ गया है।