कूनो नेशनल पार्क में बोत्सवाना से लाए गए 2 नए चीते, देश में अब कुल संख्या इतनी हुई
बोत्सवाना से लाई गईं दो मादा चीतों ने मध्य प्रदेश के कुनो नेशनल पार्क में पहली बार खुले जंगल में कदम रखा है। क्वारंटीन पीरियड पूरा होने के बाद, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इन दोनों चीतों को जंगल में छोड़ दिया। भारत में चीतों को फिर से बसाने की महत्वाकांक्षी योजना 'प्रोजेक्ट चीता' के लिए यह एक अहम पल है। इन नए चीतों के आने से देश में चीतों की कुल संख्या अब 57 हो गई है, जिसमें कुनो में पैदा हुए शावक भी शामिल हैं।
चीतों की जेनेटिक डायवर्सिटी को बढ़ावा मिला
ये दोनों चीते इसी साल फरवरी में बोत्सवाना से लाए गए चीतों के एक समूह का हिस्सा हैं। इन्हें खुले में छोड़ने से भारत की बढ़ती चीता आबादी में जेनेटिक डायवर्सिटी बढ़ाने में खास योगदान होगा। अब तक, 'प्रोजेक्ट चीता' के तहत नामीबिया, दक्षिण अफ्रीका और बोत्सवाना से चीते लाए जा चुके हैं। यह योजना यहीं तक सीमित नहीं है। कुछ चीतों को आने वाले समय में मध्य प्रदेश के गांधी सागर और नौरदेही जैसे अन्य वन्यजीव अभयारण्यों में भी भेजा जाएगा। इसका उद्देश्य है कि वे वहां ठीक से बस सकें और अपनी आबादी को और बढ़ा सकें।