प्रधानमंत्री मोदी की नॉर्वे यात्रा, दोनों देशों ने किए 30 से ज्यादा ऐतिहासिक समझौते
भारत और नॉर्वे के रिश्तों ने नई उड़ान भरी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नॉर्वे दौरे से दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत हुए हैं। पिछले 43 सालों में यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला नॉर्वे दौरा था। इस दौरान दोनों देशों के बीच 30 से ज्यादा समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। इनमें 'ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' सबसे अहम है, जिसका मकसद साफ ऊर्जा और कार्बन से जुड़ी समस्याओं के समाधान ढूंढना है।
नॉर्वे ने भारत को सौंपा 10 प्रतिशत जहाज निर्माण का काम
समुद्री क्षेत्र में सहयोग को भी बड़ा बढ़ावा मिला है। अब नॉर्वे अपने कुल जहाजों के निर्माण का 10 फीसदी काम भारत से करवाएगा। इससे भारत के पर्यावरण-अनुकूल जहाज निर्माण के लक्ष्य को भी गति मिलेगी। भारत-EFTA समझौते के बाद दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्ते भी पहले से ज्यादा मजबूत हुए हैं। इसके अलावा, इस साल मई में नॉर्वे की कंपनी इक्विनॉर (इक्विनॉर) ने एक लंबे समय के अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) के तहत भारत को अपनी पहली LNG खेप भेजी है।