ब्रिक्स को आगे बढ़ाने के लिए नई और बड़ी योजना, UNSC सुधारों की भी मांग
नई दिल्ली में हुए 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने 'ट्रोइका' नाम की एक नई व्यवस्था शुरू की है। यह सिस्टम ऐसा है जिसमें BRICS के पिछले, मौजूदा और अगले अध्यक्ष मिलकर काम करेंगे।
इसका मकसद यह है कि संगठन का काम हमेशा सही तरीके से चलता रहे। चूंकि 2026 में भारत को BRICS की कमान संभालनी है, ऐसे में यह पहल बहुत अहम है। इससे BRICS अगले 20 सालों के लिए जो भी बड़े प्लान बनाएगा, उनमें बेहतर तालमेल बना रहेगा।
मोदी ने BRICS ट्रैकर और UNSC में सुधारों की मांग की
मोदी ने एक सुरक्षित डिजिटल टूल की जरूरत पर भी जोर दिया, ताकि BRICS अपने फैसलों और तय समय-सीमाओं पर ठीक से नज़र रख सके। उनका कहना था कि अध्यक्ष पद बदलने पर काम का हिसाब-किताब खोना नहीं चाहिए।
उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों में सुधारों की वकालत भी की।
मोदी ने कहा कि विकासशील देशों को इन मंचों पर ज्यादा महत्व मिलना चाहिए और उनकी बात सुनी जानी चाहिए। प्रधानमंत्री ने BRICS देशों के सदस्यों से अगले साल के शिखर सम्मेलन के लिए सुधारों से जुड़े 10 सुझाव तैयार करने को कहा।
उनका मानना है कि इससे पुरानी व्यवस्थाओं को बदलकर एक ऐसी साझेदारी बनाई जा सकती है, जो ज्यादा बराबरी वाली हो।