11 करोड़ भारतीयों की तकदीर बदली, सामाजिक न्याय मंत्रालय ने दिया आत्मनिर्भरता का मंत्र
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने बताया है कि बीते 12 सालों में उसने अपने कार्यक्रमों के जरिए 11 करोड़ से ज्यादा लोगों तक पहुंच बनाई है। इनमें छात्र, बुजर्ग, ट्रांसजेंडर और समाज के हाशिये पर छूटे हुए लोग शामिल हैं। मंत्रालय का कहना है कि अब उसका काम सिर्फ मदद पहुंचाना नहीं, बल्कि लोगों को आत्मनिर्भर बनाना है। लोगों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मंत्रालय ने डिजिटल उपकरणों का इस्तेमाल किया, मौजूदा कानूनों में बदलाव किए और जरूरतमंदों को खास तरह की मदद पहुंचाई।
योजनाएं छात्रों और हाशिए पर रहने वाले समूहों का सहारा
बड़े-बड़े स्कॉलरशिप कार्यक्रमों ने 9 करोड़ से ज्यादा छात्रों को आर्थिक मदद देकर उनकी पढ़ाई में सहारा दिया है। प्रधानमंत्री यशस्वी योजना ने OBC, EBC और DNT छात्रों के लिए अच्छे स्कूलों में पढ़ाई के रास्ते खोले हैं। SC/ST एक्ट में बदलाव के बाद खास अदालतें बनाई गईं और भेदभाव का शिकार हुए लोगों को मुआवजा मिलना शुरू हुआ। नशा मुक्त भारत अभियान जैसे अभियानों ने नशे की लत से जूझ रहे लाखों लोगों तक अपनी पहुंच बनाई है। वहीं, स्माइल योजना ने हजारों ट्रांसजेंडर लोगों को कानूनी पहचान पत्र मुहैया कराए हैं, जबकि नमस्ते योजना ने सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए आधुनिक मशीनों और उपकरणों में निवेश किया है।