शिक्षा मंत्रालय का बड़ा फैसला, NEET-UG अब कंप्यूटर आधारित
मेडिकल की पढ़ाई करने की इच्छा रखने वाले छात्रों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। शिक्षा मंत्रालय NEET-UG परीक्षा को कंप्यूटर-आधारित बनाने की योजना बना रहा है। अब तक पेन-पेपर से होने वाली इस परीक्षा का पुराना तरीका बंद हो जाएगा।
इस बदलाव से परीक्षा केंद्र ढूंदना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा। साथ ही, देशभर में परीक्षा का पैटर्न एक समान रहेगा। यह ठीक वैसे ही होगा जैसे JEE-Main परीक्षा पहले से ही ऑनलाइन माध्यम से होती है।
टास्क फोर्स तैयार कर रही है सिफारिशें
यह कदम इसी साल हुए एक बड़े पेपर लीक के बाद उठाया गया है, जिसके कारण देशभर में काफी विरोध प्रदर्शन हुए थे। इन समस्याओं को ठीक करने के लिए, नंदन नीलेकणि की अगुवाई में एक उच्च-स्तरीय टास्क फोर्स बनाई गई है।
यह टास्क फोर्स ऐसी सिफारिशें तैयार कर रही है, जिनका मकसद परीक्षा सिस्टम को पूरी तरह से लीक-प्रूफ बनाना है। इसका विशेष ध्यान ग्रामीण क्षेत्रों, महिला उम्मीदवारों और उन जिलों के छात्रों पर भी रहेगा जहां इंटरनेट कनेक्टिविटी कम है, ताकि सभी को समान अवसर मिलें। हर साल लगभग 25 लाख छात्र NEET की परीक्षा देते हैं। ऐसे में, इस परीक्षा को डिजिटल करने का मुख्य उद्देश्य इसकी पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना है, ताकि सभी छात्रों को मेडिकल सीटों पर दाखिले का एक समान मौका मिल सके।