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मणिपुर: राहत शिविरों में मौतों पर भड़का सुप्रीम कोर्ट, कहा- हमें मजबूर न करें
मणिपुर में राहत शिविरों में मौत को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को फटकारा है

मणिपुर: राहत शिविरों में मौतों पर भड़का सुप्रीम कोर्ट, कहा- हमें मजबूर न करें

लेखन आबिद खान
Sep 17, 2026
02:50 pm

क्या है खबर?

सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर के राहत शिविरों में कथित अप्राकृतिक मौतों और यौन उत्पीड़न के मामलों पर चिंता जताई है। कोर्ट ने राज्य सरकार को फटकार लगाते हुए मणिपुर के मुख्य सचिव को सभी 25 संदिग्ध मौतों पर विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने कहा, "अपने मुख्य सचिव से कहिए कि कोर्ट को आदेश देने के लिए मजबूर न करें। हमें बताइए कि आपने क्या कदम उठाए हैं।"

टिप्पणी

कोर्ट ने कहा- विस्थापितों को पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं

CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस मोहना की पीठ मणिपुर यौन हिंसा के मामलों की जांच और मुकदमे से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।

पीठ ने जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट की पूर्व मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल की अध्यक्षता वाली समिति की रिपोर्ट का हवाला देते हुए राहत विस्थापितों की सुरक्षा और गरिमा के संबंध में गंभीर सवाल उठाए।

कोर्ट ने निर्देश दिया कि विस्थापितों को पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं और रोजमर्रा की जरूरी चीजें उपलब्ध कराई जाएं।

आदेश

कोर्ट ने ये निर्देश दिए

कोर्ट ने मुख्य सचिव को मौतों की परिस्थितियों और विस्थापित व्यक्तियों की सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए उपायों की रिपोर्ट पेश करने को कहा।

साथ ही 25 अप्राकृतिक मौतों का विवरण, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मृत्यु के कारणों को दर्शाने वाले अन्य दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।

राज्य सरकार को यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया कि केवल 20 मामलों में ही पोस्टमार्टम क्यों किया गया और इतना कम मुआवजा क्यों दिया गया।

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आंकड़े

सरकार बोली- 3,020 मामलों की जांच की गई

सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने बताया कि 8 जिलों में 42 विशेष जांच दल (SIT) गठित किए गए हैं।

उन्होंने कहा, "कुल 3,020 मामले जांच के अधीन हैं, 302 मामलों में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है और 1,583 मामलों में समापन रिपोर्ट प्रस्तुत की गई है। 1,135 मामलों में जांच जारी है, जबकि 33 मामलों में मुकदमे की कार्यवाही शुरू हो चुकी है। 31 मामलों की जांच CBI कर रही है।"

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हिंसा

राज्य में हिंसा अभी भी जारी

15 सितंबर की रात मणिपुर के तामेंगलांग में अज्ञात बंदूकधारियों ने 2 कुकी महिलाओं की हत्या कर दी। इससे पहले 13 सितंबर को तामेंगलांग और नोनी जिलों में कथित तौर पर नागा उग्रवादियों ने 4 कुकी नागरिकों की हत्या कर दी थी।

27 अगस्त को भी कथित कुकी सशस्त्र समूहों ने कांगपोकपी जिले में 4 नागा नागरिकों की हत्या कर दी थी।

मणिपुर में मई 2023 से अब तक 306 लोग मारे गए हैं और 49 लापता हैं।

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