महाराष्ट्र में MBBS डॉक्टरों के लिए एक साल का अनिवार्य SRS बॉन्ड खत्म
मेडिकल छात्रों के लिए एक बड़ी खबर आई है। महाराष्ट्र सरकार ने सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी सर्विस (SRS) बॉन्ड को खत्म कर दिया है। इस नियम के तहत, MBBS की डिग्री लेने वाले डॉक्टरों को एक साल तक सरकारी या ग्रामीण अस्पतालों में काम करना जरूरी होता था। सरकार ने यह फैसला डॉक्टरों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद लिया है। डॉक्टरों का कहना था कि उन्हें काम करने के लिए सही जगह (पोस्टिंग) नहीं मिल पा रही थी और साथ ही कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। खासकर ऐसे समय में जब राज्य में नए मेडिकल कॉलेज खुलने से डॉक्टरों की संख्या काफी बढ़ गई है।
SRS बॉन्ड के तहत सेवा दे रहे डॉक्टरों को पूरी करनी होगी अवधि
हालांकि, जो डॉक्टर इस समय SRS बॉन्ड के तहत अपनी सेवा दे रहे हैं, उन्हें अपनी अवधि पूरी करनी होगी। अगर कोई जुर्माना पहले ही भर दिया गया है, तो वह वापस नहीं मिलेगा। MARD और ASMI जैसे डॉक्टर संगठनों ने इस बदलाव का स्वागत किया है। इन संगठनों का कहना है कि अब जितनी नौकरियां उपलब्ध हैं, उससे कहीं ज्यादा डॉक्टर हो गए हैं, ऐसे में यह फैसला बिल्कुल सही समय पर लिया गया है।