61 घंटे बाद खुला पुणे-बेंगलुरु हाईवे, गन्ने पर किसानों का आंदोलन खत्म
पुणे-बेंगलुरु हाईवे को 61 घंटे तक जाम रखने के बाद महाराष्ट्र के किसानों ने अपना आंदोलन खत्म कर दिया है। चीनी मिल मालिकों से उनका एक समझौता हुआ है, जिसके तहत उन्हें गन्ने के लिए 3,900 रुपये प्रति टन का अग्रिम भुगतान मिलेगा।
इसके साथ ही, चीनी के भविष्य के दामों के आधार पर अतिरिक्त भुगतान की भी बात तय हुई है। इस आंदोलन की अगुवाई पूर्व सांसद राजू शेट्टी की 'स्वाभिमानी शेतकरी संघटन' ने की थी।
किसानों की नाकाबंदी से फंसे 1,500 से ज्यादा ट्रक
करीब 120 किलोमीटर लंबे हाईवे पर लगी इस नाकाबंदी के कारण 1,500 से ज्यादा ट्रक फंस गए थे। वहीं, राज्य की बसों को भी रोजाना करीब 100 फेरे रद्द करने पड़े।
यह सब दिवाली की यात्रा की गहमागहमी के ठीक बीच हुआ। शुरुआत में किसान 4,500 रुपये प्रति टन की मांग कर रहे थे, लेकिन मंत्री हसन मुश्रीफ के साथ हुई बातचीत के बाद वे 3,900 रुपये पर मान गए। अब इस रास्ते पर आवाजाही सामान्य होने लगी है।