13,000 करोड़ रुपये में होगा मुंबई का कायापलट, जलभराव से मिलेगी निजात
जुलाई में लगातार बारिश और भारी जलभराव के बाद, महाराष्ट्र सरकार ने अब मुंबई की इस समस्या से निपटने के लिए कमर कस ली है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जानकारी दी कि 370 ऐसी जगहों की पहचान की गई है जहां अक्सर पानी भर जाता है। इन सभी जगहों पर नए और चौड़े नाले बनाए जाएंगे, जिन्हें इस तरह डिजाइन किया जाएगा कि भारी बारिश में भी आधे घंटे के भीतर पानी निकल जाए। इसके अलावा, सरकार लैंडस्लाइड रोकने और मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे जैसे महत्वपूर्ण रास्तों को सुरक्षित बनाने के लिए भी विशेषज्ञों की सलाह पर काम कर रही है।
डिसेलिनेशन और गार्गाई प्रोजेक्ट से मुंबई की पानी की सप्लाई बढ़ेगी
मुंबई में सिर्फ 4 दिनों में ही मॉनसून की 40 प्रतिशत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई, जिसके चलते शहर को भारी जलभराव और दिक्कतों का सामना करना पड़ा। भविष्य में पानी की कमी से निपटने के लिए, सरकार ने नए डिसेलिनेशन प्लांट और गार्गाई प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया है। इन प्रोजेक्ट्स की मदद से 2030 तक शहर की पानी की सप्लाई काफी बढ़ जाएगी। वहीं, वसई-विरार जैसे इलाकों में लगातार बारिश और बिजली कटौती ने लोगों की मुश्किलें बढ़ाईं। बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए सामान्य जीवन बहाल करने के मकसद से आपातकालीन टीमें दिन-रात जुटी हुई हैं।