महाराष्ट्र 10वीं बोर्ड परीक्षा में छात्रों पर भारी पड़ी मराठी भाषा, 80,000 से ज्यादा छात्र हुए फेल
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महाराष्ट्र बोर्ड की 10वीं की परीक्षा के नतीजे आ गए हैं। कुल मिलाकर 90.75 प्रतिशत विद्यार्थी पास हुए हैं। हालांकि, एक बड़ी चिंता यह भी सामने आई है कि 80,000 से ज्यादा विद्यार्थी मराठी विषय में पास नहीं हो पाए। यह सिर्फ एक विषय नहीं, बल्कि उनकी मातृभाषा भी है। अपनी मातृभाषा में इतने छात्रों का संघर्ष करना वाकई चौंकाने वाला है।
विशेषज्ञों के अनुसार मराठी कौशल को प्रभावित करने वाले रुझान
विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते रुझान इसकी वजह हैं। आजकल ज्यादातर बच्चे इंग्लिश मीडियम स्कूलों में पढ़ रहे हैं, लिखने के अभ्यास पर कम ध्यान दिया जा रहा है और सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल से व्याकरण और स्पेलिंग की क्षमता कमजोर पड़ रही है। यह सब देखकर लोग चिंतित हैं कि स्कूलों और रोजमर्रा की जिंदगी में मराठी को कैसे मजबूत रखा जाए।