मंदिरों में लौटेंगे गजराज, मद्रास हाई कोर्ट ने हाथियों पर से प्रतिबंध हटाया
मद्रास हाई कोर्ट ने तमिलनाडु के मंदिरों में हाथियों को रखने या स्वीकार करने पर लगा प्रतिबंध हटा दिया है। दरअसल, 2023 में एक आदेश आया था जिसमें कहा गया था कि सभी कैद हाथियों को सरकारी संरक्षण गृहों में भेजा जाएगा और मंदिरों को नए हाथी रखने की इजाजत नहीं होगी।
इस पर जजों ने साफ तौर पर कहा कि पहले लगाया गया यह प्रतिबंध राज्य सरकार और संबंधित मंदिरों का पक्ष सुने बिना ही लागू कर दिया गया था।
मंदिर दान में मिले हाथियों को स्वीकार कर सकेंगे
अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि मंदिर दान में मिले हाथियों को स्वीकार कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें 2011 के तमिलनाडु कैप्टिव एलिफेंट रूल्स का पूरी तरह पालन करना होगा।
ये नियम विस्तार से बताते हैं कि हाथियों की देखभाल और उनका प्रबंधन किस तरह किया जाना चाहिए। यह फैसला एक निजी व्यक्ति की याचिका पर आया, जिसने ऐसे प्रतिबंधों को चुनौती दी थी जो इन नियमों को अनदेखा कर रहे थे और जिनके तहत कई पक्षों की बात नहीं सुनी गई थी।