मध्य प्रदेश पुलिस का 'मिशन कछुआ': ट्रेनों से तस्करी पर शिकंजा, अब स्निफर डॉग्स-CCTV करेंगे घेराबंदी
मध्य प्रदेश पुलिस ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ अपनी मुहिम तेज कर दी है। खासकर ऐसे तस्करों पर उनकी पैनी नजर है जो राज्य के व्यस्त रेलवे नेटवर्क का इस्तेमाल कर कछुओं की तस्करी करते हैं। पिछले 6 सालों में, उन्होंने यात्री ट्रेनों से करीब 650 कछुए और कुछ गिद्ध भी जब्त किए हैं। इसी दौरान 4 बड़े तस्करी गिरोहों का भंडाफोड़ किया गया, जो इन जानवरों को विदेशों के अवैध बाजारों में बेचते थे।
पुलिस स्निफर डॉग्स की तैनाती की तैयारी में
तस्कर मध्य प्रदेश की केंद्रीय स्थिति का फायदा उठाकर, चुपचाप कछुओं को एक जगह से दूसरी जगह ले जाते हैं। वे कछुओं को थैलों में छिपाकर उत्तर प्रदेश से मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों तक पहुंचाने के लिए इन रास्तों का इस्तेमाल करते हैं। इन कछुओं को अक्सर विदेशी पालतू जानवरों के रूप में या पारंपरिक दवाइयों में इस्तेमाल के लिए बेचा जाता है। इस साल फरवरी में हुई एक बड़ी कार्रवाई के बाद, अब अधिकारी स्निफर डॉग्स, बेहतर CCTV कैमरों और बेहतर डेटा शेयरिंग का इस्तेमाल करने की तैयारी में हैं। इसका मकसद बार-बार अपराध करने वालों को पकड़ना और वन्यजीव अपराध पर लगाम कसना है। यह ट्रेनों में वन्यजीव तस्करी रोकने की दिशा में एक बड़ा बदलाव है।