मध्य प्रदेश अब हुआ नक्सल मुक्त, 1 करोड़ के इनामी नक्सली ने गिरोह का किया आत्मसमर्पण
क्या है खबर?
देश का मध्य प्रदेश राज्य अब पूरी तरह से नक्सलवाद से मुक्त हो गया है। देश के सबसे खतरनाक और एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सली नेता सेंट्रल कमेटी मेंबर (CCM) रामधेर मज्जी ने सोमवार तड़के अपने 11 शीर्ष कमांडरों के साथ पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। मज्जी और उसके गिरोह ने यह कदम छत्तीसगढ़ में खैरागढ़ जिले के बाकरकट्टा थाना क्षेत्र के कुमही गांव में उठाया, जहां उन्होंने अपनी AK-47 राइफल पुलिस के हवाले कर दी।
आत्मसमर्पण
इन कमांडरों ने किया आत्मसमर्पण
पुलिस ने बताया कि नक्सली CCM मज्जी के साथ DVCM चंदू उसेंडी, ललिता, जानकी, प्रेम, ACM रामसिंह दादा, सुकेश पोट्टम, लक्ष्मी, शीला, सागर, कविता और योगिता ने नक्सलवाद को छोड़कर सामान्य जीवन जीवने की इच्छा जताई। उन्होंने अपने पास मौजूद दो AK-47, 3 इंसास राइफल, 2 SLR और एक-एक 30 कार्बन और 303 हथियार पुलिस को सौंपे। नक्सलियों का आत्मसमर्पण करना दशकों से मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में सक्रिय नक्सली नेटवर्क के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
समर्पण
29 नंवबर को भी 11 नक्सलियों ने किया था आत्मसमर्पण
29 नवंबर को महाराष्ट्र के गोंदिया जिले में 11 नक्सलियों का एक दल आत्मसमर्पण किया था, जिसका नेतृत्व अनंत उर्फ विकास नागपुरे कर रहा था, जो पिछले महीने हॉक फोर्स के इंस्पेक्टर आशीष शर्मा की हत्या में शामिल था। उसके बाद से मज्जी अपने बचे हुए 14 हथियारबंद साथियों के साथ दक्षिणी MMC जोन के घने जंगलों में छिपा हुआ था। सुरक्षा एजेंसियों ने बताया कि मज्जी का यही समूह पूरी MMC संरचना का आखिरी किला था।
सफलता
नक्सलवाद से मुक्त हुआ मध्य प्रदेश जोन
मध्य प्रदेश के लिए यह हफ्ता ऐतिहासिक बन गया है। 24 घंटे पहले बालाघाट में मुख्यमंत्री मोहन यादव की मौजूदगी में 10 बड़े नक्सलियों ने 2.36 करोड़ के इनाम के साथ आत्मसमर्पण किया था। उस समय बताया गया था कि इसके बाद नक्सलियों का मध्यप्रदेश-महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ यानि दक्षिणी MMC में सक्रिया मज्जी की यूनिट टूट जाएगी। अब वह आखिरी दीवार भी ढह गई। इससे मध्यप्रदेश अब लगभग पूरी तरह नक्सलवाद मुक्त हो गया है।
समय सीमा
31 मार्च, 2026 है आखिरी समय सीमा
केंद्र सरकार ने नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म करने के लिए 31 मार्च, 2026 तक की समय सीमा तय की है। इसके लिए सुरक्षाबलों ने अपना अभियान तेज करते हुए पिछले कुछ महीनों में नक्सलियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया। हाल में 3 दिसंबर को बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुए एनकाउंटर में 18 नक्सली मारे गए, जबकि DRG बीजापुर के 3 जवान भी शहीद हो गए थे। इसी तरह 2 पुलिसकर्मी घायल भी हुए थे।
सफलता
इस साल कितने नक्सली मारे गए?
अधिकारियों का कहना है कि इस साल अब तक छत्तीसगढ़ में मुठभेड़ में 281 नक्सली मारे जा चुके हैं। इनमें से 252 बीजापुर समेत 7 जिलों वाले बस्तर क्षेत्र में मारे गए। वहीं 27 नक्सली रायपुर क्षेत्र के अंतर्गत गरियाबंद जिले में मारे गए। राज्य के दुर्ग क्षेत्र के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में 2 नक्सली मारे गए। पुलिस ने बताया कि अब तक राज्य में मुठभेड़ समेत अन्य माओवादी हिंसा में 23 सुरक्षाकर्मी भी शहीद हुए हैं।