
मोदी और योगी सरकार की तरह कामचोर अधिकारियों को जबरन रिटायर करेगी मध्य प्रदेश सरकार
क्या है खबर?
अब मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने अच्छा काम न करने वाले सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को जबरदस्ती रिटायर करने का फैसला किया है।
मुख्यमंत्री कमल नाथ ने शुक्रवार को सभी विभागों के प्रमुखों को ऐसी अधिकारियों की सूची बनाने का आदेश दिया है।
बता दें कि इससे पहले केंद्र की मोदी सरकार और उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ ने भी भ्रष्ट और कामचोर कर्मचारियों को जबरन रिटायर करने का फैसला लिया था।
आदेश
इन अधिकारियों को किया जाएगा जबरन रिटायर
मुख्यमंत्री कमल नाथ ने शुक्रवार को सभी विभागों के प्रमुखों को सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के काम की समीक्षा करने और कामचोर और अच्छा कार्य न करने वाले कर्मचारियों की सूची बनाने का आदेश दिया है।
इस सूची से वो अधिकारी जिनकी उम्र 50 साल से अधिक हो गई है या 20 साल की सेवा पूरी कर चुके हैं और अच्छा प्रदर्शन नहीं करेंगे, उन्हें जबरदस्ती रिटायर किया जाएगा, बल्कि अन्य को नोटिस भेजा जाएगा।
बयान
कमल नाथ ने कहा, कई विभागों के कामकाज में सुधार की जरूरत
फैसले के बारे में कमल नाथ ने कहा, "कई विभागों के कामकाज में सुधार की जरूरत है। सरकार को ऐसे योग्य और सक्षम लोगों की जरूरत है जो नए विचार दे सकें और लोगों के जीवन को आसान करने के लिए समय पर परिणाम दे सकें। इसके लिए हमें असक्षम लोगों को हटाने की जरूरत है।"
मुख्य सचिव एसआर मोहंती ने बताया कि मुख्यमंत्री ने अधिकारियों की समीक्षा पूरी करने के लिए एक महीने का वक्त दिया है।
शुरूआत
मोदी सरकार ने की भ्रष्ट अधिकारों पर कार्रवाई की शुरूआत
भ्रष्ट, असक्षम और कामचोर अधिकारियों को हटाने की शुरूआत सबसे पहले केंद्र सरकार ने की थी।
केंद्र सरकार ने आय से अधिक संपत्ति, जबरन वसूली, यौन उत्पीड़न और भ्रष्टाचार के आरोपी 12 IRS अधिकारियों को जबरन रिटायर कर दिया था।
इनमें से सात कमिश्नर, एक ज्वाइंट कमिश्नर, तीन एडिशनल कमिश्नर और एक असिस्टेंट कमिश्नर थे।
इसके बाद सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्स (CBIT) के 15 वरिष्ठ टैक्स अधिकारियों पर कार्रवाई करते हुए सरकार ने उन्हें भी रिटायर कर दिया था।
योगी सरकार
योगी ने भ्रष्ट अधिकारियों को खुद से रिटायरमेंट लेने को कहा
इसका बाद यूपी की भारतीय जनता पार्टी सरकार ने केंद्र सरकार का अनुकरण किया था।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के साथ बैठक में साफ कहा था कि भ्रष्ट, दागी और असक्षम अधिकारी या तो खुद से रिटायरमेंट ले लें, नहीं तो सरकार को उन्हें जबरन रिटायर करना पड़ेगा।
उन्होंने सभी विभागों के प्रमुखों से भ्रष्ट अधिकारियों की सूची तैयार करने और उन्हें जबरन रिटायर करने की बात कही थी।