भोपाल में सड़क पर हजारों किसान; मुख्यमंत्री आवास घेरने की तैयारी, स्कूलों में छुट्टियां घोषित
क्या है खबर?
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में हजारों किसान सड़क पर उतर आए हैं। मूंग खरीदी और ई-टोकन प्रणाली समेत अन्य मांगों को लेकर किसानों के प्रदर्शन का आज दूसरे दिन है। किसानों ने आज मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच की तैयारी की है। इसे देखते हुए प्रदर्शन स्थल पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और पूरे इलाके में बैरिकेडिंग की गई है। नर्मदापुरम रोड के सभी सरकारी और निजी स्कूलों की छुट्टी घोषित की गई है।
सुरक्षा
प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा के सख्त इंतजाम
पुलिस ने बैरिकेडिंग कर कई रास्ते बंद कर दिए हैं, जिसके चलते लोगों को परेशानी भी हो रही है। मुख्यमंत्री आवास के घेराव को देखते हुए जगह-जगह पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि किसानों को रोकने के लिए सरकारी बसें भी सड़क पर खड़ी की गई हैं, ताकि इस मार्ग से आने पर उन्हें आगे बढ़ने से रोका जा सके।
मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री बोले- सरकार ने समिति बनाई
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, "प्रदेश में कृषि कल्याण वर्ष मनाया जा रहा है। किसानों से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए सरकार ने एक समिति बनाई है, जो किसानों से संवाद करेगी। आज भी मंत्रियों का एक दल किसानों से बातचीत करेगा। सरकार किसानों के सकारात्मक सुझावों के साथ हमेशा खड़ी है। साथ ही यह भी जरूरी है कि आंदोलन के दौरान आम जनता को किसी तरह की परेशानी न हो।"
मांगें
क्या हैं किसानों की मांगें?
किसानों की सबसे बड़ी मांग है कि मूंग दाल की पूरी फसल सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदे। फिलहाल सरकार केवल 25 प्रतिशत मूंग फसल MSP पर खरीदती है।
दूसरी मांग है कि खाद वितरण की व्यवस्था में सुधार हो और टोकन प्रणाली को खत्म किया जाए।
अन्य मांगों में किसानों से जुड़े लंबित मुद्दों का तुरंत समाधान करना शामिल है।
संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में प्रदेश के 19 किसान संगठन इस आंदोलन में शामिल हैं।
राशन
किसान हफ्ते भर का राशन लेकर आए, सड़क पर बनाया खाना
किसान अपने साथ अनाज, बिस्तर, बर्तन और एक हफ्ते तक के खाने का इंतजाम करके आए हैं।
कुछ किसानों ने आज सड़क पर ही दाल-बाटी बनाई और सरकार को सद्बुद्धि के लिए हवन किया। किसानों के समर्थन में महिलाएं भी प्रदर्शन में शामिल हो रही हैं।
वहीं, किसानों को युवाओं का समर्थन भी मिल रहा है। युवा 'भोपाल पुलिस आई लव यू', 'मोहन सरकार आई हेट यू', 'किसानों से टकराओगे, भूखे मर जाओगे' जैसे नारे लिखी तख्तियां लेकर पहुंचे।
घटनाक्रम
आंदोलन से जुड़े बड़े घटनाक्रम
किसान और सरकार के बीच बीती रात बैठक हुई, जिसमें कोई सहमति नहीं बन सकी।
मुख्यमंत्री यादव ने कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना, मुख्य सचिव समेत वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की।
कृषि मंत्री कंसाना ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को किसानों की मांगों को लेकर 3 पत्र लिखे हैं।
किसानों ने 27 जुलाई को नर्मदापुरम से मार्च शुरू किया था। इस दौरान वे बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ते रहे।