लखनऊ: NEET का दबाव बना रहे पिता की गोली मारकर हत्या, शव के टुकड़े कर छिपाया
क्या है खबर?
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक भयावह मामला सामने आया है। यहां एक 21 वर्षीय एक युवक ने अपने पिता की गोली मारकर हत्या कर दी, फिर शव के टुकड़े कर उसे नीले ड्रम में छिपा दिया। घटना आशियाना के सेक्टर एल की है। मृतक मनवेंद्र प्रताप सिंह (49) हैं, जिनकी शहर में वर्धमान नाम से 4 पैथालॉजी और 3 शराब की दुकाने हैं। मानवेंद्र के आरोपी बेटे अक्षत सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है।
घटना
क्या है पूरा मामला, कैसे हुआ घटना का खुलासा?
मानवेंद्र अपने बेटे और 17 वर्षीय बेटी कृति के साथ रहते थे। उनकी पत्नी का 2018 में निधन हो गया था। मानवेंद्र अक्षत पर NEET पास करने और पैथॉलिस्ट बनने का दबाव बना रहे थे, ताकि उनके पैथालॉजी के व्यापार को संभाला जा सके। अक्षत B.Com का छात्र है। वह लगातार पिता के दबाव से तंग आ गया था। 20 फरवरी को इसी बात को लेकर उसकी पिता से तीखी झड़प हुई, जिसके बाद उसने राइफल से गोली चला दी।
हत्या
हत्या के बाद दर्ज कराई गुमशुदगी की रिपोर्ट
घटना के समय घर पर बहन कृति मौजूद थी, जो गोली की आवाज सुनकर पहुंची और सन्न रह गई। अक्षत ने उसे मारने की धमकी दी, जिससे वह चुप रही। बाद में अक्षत शव को तीसरे तल से भूतल लाया। सबूत मिटाने के लिए उसने शव के हाथ-पैर आरी से काटकर उसे पारा के पास सदरौना इलाके में फेंक दिया और बाकी हिस्सों को नीले ड्रम में छिपा दिया। फिर 23 फरवरी को पिता की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
जांच
कैसे हुआ खुलासा?
पुलिस ने बताया कि अक्षत ने 23 फरवरी को रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसके पिता 20 फरवरी से घर नहीं लौटे हैं और उनके मोबाइल फोन बंद है। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की तो CCTV में मानवेंद्र घर के अंदर जाते दिखे, लेकिन बाहर आते नहीं दिखे। इसके बाद शक के आधार पर अक्षत से सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने सब कबूल कर लिया। घर की जांच में आधा शव मिला, जिसे जांच को भेजा गया।
दबाव
बेटा रेस्टोरेंट का बिजनेस करना चाहता था
पुलिस ने बताया कि अक्षत NEET की परीक्षा में 2 बार फेल हो चुका था। मानवेंद्र काफी मिलनसार थे, वहीं उनका बेटा अक्षत काफी रिजर्व था औऱ किसी से बात नहीं करता था। वह 6 साल पहले घर से दबाव के कारण 6 पन्नों का पत्र लिखकर भाग भी चुका है। बताया जा रहा है कि आरोपी पैथालॉजी की जगह रेस्टोरेंट का बिजनेस करना चाहता था, लेकिन उसके पिता मानवेंद्र जबरन NEET पास करने का दबाव डाल रहे थे।