लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर क्यों दरारें? IIT जांच में 18 फीट नीचे मिला पानी, डिजाइन पर गंभीर सवाल
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लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे, जिसकी लागत 4200 करोड़ रुपये थी, खुलने के बाद से ही दरारों, गड्ढों और धंसती सड़कों से जूझ रहा है। IIT खड़गपुर अपनी जांच पूरी कर रही है और जल्द ही अपनी आखिरी रिपोर्ट सौंप देगी। शुरुआती संकेत यह इशारा कर रहे हैं कि इसका मुख्य कारण डिजाइन और ड्रेनेज की समस्या हो सकती है, न कि सिर्फ घटिया निर्माण कार्य।
जांच में 18 फीट तक पानी का रिसाव मिला
IIT खड़गपुर की एक टीम ने एक्सप्रेसवे का दौरा किया और जांच के लिए 50 नमूने लिए। उन्हें कुछ जगहों पर 18 फीट नीचे तक पानी रिसता हुआ मिला, जिससे ड्रेनेज सिस्टम की कार्यक्षमता पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।
नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने एक खराब हिस्से पर टोल वसूलना बंद कर दिया है और IIT की पूरी रिपोर्ट आने तक बिल्डर को मरम्मत का खर्चा उठाने को कहा है।