लखनऊ: अभी भी ब्लूटूथ से बंद हो रहे ई-रिक्शा, 5,000 शिकायतें मिलीं
लखनऊ के ई-रिक्शा चालकों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सरकार ने 3 जुलाई, 2026 को बैटरी मैनेजमेंट ऐप्स पर रोक लगाई थी, लेकिन इसके बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। दरअसल, ब्लूटूथ से जुड़ी इन बैटरियों को दूर बैठे ही बंद किया जा सकता है। इससे अक्सर रिक्शा चालक ट्रैफिक के बीच फंस जाते हैं और उनकी व यात्रियों, दोनों की जान को खतरा हो जाता है। सिर्फ 2 हफ्तों में ही ई-रिक्शा चालक कल्याण समिति को ऐसी करीब 5,000 शिकायतें मिल चुकी हैं।
चालकों की जेब पर बोझ, ब्लूटूथ हटा रहे निर्माता
हर बार बैटरी बंद होने पर चालकों को तकनीशियन बुलाना पड़ता है। इसके लिए उन्हें लगभग 200 रुपये चुकाने पड़ते हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। समिति का कहना है कि कुछ अपराधी इसी तकनीक का फायदा उठाकर चालकों से जबरन वसूली कर रहे हैं। इसके अलावा, महिला यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी गहरी चिंता जताई गई है। इन लगातार बढ़ती शिकायतों को देखते हुए, बैटरी बनाने वाली कंपनियों ने अब अपने उत्पादों से ब्लूटूथ फीचर हटाना शुरू कर दिया है और ऐप्स को भी अपडेट कर रही हैं, ताकि इस समस्या को पूरी तरह खत्म किया जा सके।